नरेन्द्र वर्मा
सिरसागंज। सामाजिक चेतना और संगठन के नाम पर बिखरे हुए स्थानीय ब्राह्मण समाज ने एकता और राजनीतिक जागरूकता की शुरुआत कर दी है। सभी राजनीतिक दल ब्राहमण समुदाय को अपने पाले में लाने के लिए लालायित हैं तो क्यों न पहले से ही समाज एक मंच पर आकर कोई सर्वसम्मति से निर्णय ले, यह कहना है समाज के एक मुख्य पदाधिकारी का। उनका कहना है कि यूपी के आगामी चुनाव में ब्राह्मण अपनी भूमिका अभी से तय करने की कोशिश कर रहा है।
ब्राह्मण समाज सिरसागंज के सम्मान समारोह और विचार गोष्ठी के आयोजन में सामाजिक, राजनीतिक, व शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए लोगों का स्वागत सम्मान किया गया। जिसमें चुनावी माहौल के हिसाब से चर्चा भी हुई। समाज सेवा और राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही और युवाओं में खासी पैठ रखने वाली रूपाली दीक्षित ने सवाल किया कि ब्राह्मण कब तक दूसरे लोगों को राजा बनाता रहेगा? उन्होंने कहा कि हर बार ब्राह्मणों के नाम पर राजनीतिक दल अपनी हवा बना लेते हैं और फिर मनमाने तरीके से सरकार का संचालन करते हैं। उन्होंने कहा कि रीति और नीति की बेकदरी को मूक दर्शक बनकर देखते रहने के अलावा ब्राह्मण पर कोई चारा नहीं होता। एफ एस विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर संजीव भारद्वाज ने कहा कि किंग या किंग मेकर हमें किस भूमिका में रहना है, समय से पहले इसका फैसला कर लेना समाज के हित में होगा। समाज के अध्यक्ष डॉ मुकेश मणिकांचन ने कहा कि कलियुगे संघे शक्ति.. जब तक एकता नहीं दिखाएंगे तब तक लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकेगा। भाजपा संगठन से जुड़े सुमित शर्मा और रेनू उपाध्याय ने समाज की मुहिम में पूरा सहयोग करने की बात कही।
पंडित देवकीनंदन मिश्रा, श्याम किशोर शास्त्री लोकमणि शास्त्री आदि धार्मिक क्षेत्र में कार्यरत ब्राह्मण समाज के लोगों ने सामाजिक चेतना और युवाओं की एकजुटता के लिए अपने विचार रखे। वही बामण समाज में अलग-अलग राजनीतिक आस्था रखने वाले लोग भी इस आयोजन में एक साथ आते हुए दिखाई दिए।

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