मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मुखिया उद्धव ठाकरे ने स्टैंडअप कॉमेडियन को लेकर मचे बवाल के बीच सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘सरकार ने ‘गद्दारों’ का अपमान करने के लिए कुणाल कामरा को तलब किया, लेकिन शिवाजी महाराज का अपमान करने वाले अभिनेता राहुल सोलापुरकर पर चुप्पी साध ली।’

राज्य विधानमंडल के बजट सत्र के समाप्त होने के एक दिन बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने मुस्लिम परिवारों के लिए भाजपा के आउटरीच कार्यक्रम ‘सौगात-ए-मोदी’ को भी निशाने पर लिया। उद्धव ने कहा, ‘आप एक देशद्रोही का अपमान करने के लिए कुणाल कामरा को दो बार तलब करते हैं, लेकिन राहुल सोलापुरकर को एक बार भी नहीं बुलाते।’

कुणाल कामरा ने पैरोडी गाने में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को निशाना बनाया था। हालांकि, कामरा ने शिंदे का नाम नहीं लिया था। विवादित बयान के सामने आते ही शिवसैनिक उग्र हो गए थे। रविवार को मुंबई के एक स्टूडियो पर शिंदे समर्थकों ने हमला कर दिया था। विवादित बयान को लेकर कामरा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब मुंबई पुलिस ने उन्हें तलब किया है।

क्या है सोलापुरकर का मामला?
सोलापुरकर हाल ही में एक पॉडकास्ट में यह कहने के बाद आलोचनाओं के घेरे में आ गए थे कि 17वीं सदी के मराठा योद्धा शिवाजी महाराज मुगल सम्राट औरंगजेब के अधिकारियों को रिश्वत देकर आगरा किले से भागे थे। उन्होंने इस लोकप्रिय तथ्य को खारिज कर दिया था कि शिवाजी मिठाई की टोकरी में खुद को छिपाकर औरंगजेब के चंगुल से बचने में कामयाब हुए थे। इसे लेकर कुछ संगठनों ने ‘रिश्वत’ शब्द पर आपत्ति जताई थी।

‘सौगत-ए-मोदी’ पर उद्धव का तंज
‘सौगत-ए-मोदी’ पहल के बारे में बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘जब शिवसेना को मुस्लिम मतदाताओं से भारी समर्थन मिला, तो यह कहते हुए शोर मचाया गया कि मैंने हिंदुत्व छोड़ दिया है। उन्होंने ‘सत्ता-जिहाद’ जैसे शब्द भी गढ़े, लेकिन अब उन्हीं लोगों ने अपना रुख बदल दिया है।’

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