घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुए। उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 191.51 अंक या 0.25 प्रतिशत गिरकर 77,414.92 अंक पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान यह सूचकांक 420.81 अंक या 0.54 प्रतिशत गिरकर 77,185.62 अंक पर पहुंच गया था। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 72.60 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 23,519.35 पर आ गया। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2024-25 में सेंसेक्स अब तक सेंसेक्स 3,763.57 अंक या 5.10 प्रतिशत और निफ्टी निफ्टी 1,192.45 अंक या 5.34 प्रतिशत तक मजबूत हुआ है।

सेंसेक्स में शामिल इंडसइंड बैंक में 3.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट
सेंसेक्स में शामिल इंडसइंड बैंक में 3.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। एचसीएल टेक, मारुति, इंफोसिस, जोमैटो, पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और अल्ट्राटेक सीमेंट भी पिछड़ गए। कोटक महिन्द्रा बैंक, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा मोटर्स, नेस्ले और भारती एयरटेल के शेयरों में तेजी रही।

एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो, शंघाई और हांगकांग भारी गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार नकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।

बाजार की चाल पर जानकार क्या बोले?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “घरेलू स्तर पर बाजार की तेजी थम गई है, क्योंकि निवेशक ऑटो, सहायक उपकरण, फार्मा और अन्य क्षेत्रों पर इन टैरिफ के प्रभाव का मूल्यांकन कर रहे हैं।”

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, “बाजार एक और सत्र के लिए सीमित दायरे में रहा, समेकन चरण जारी रहने के कारण इसमें लगभग आधा प्रतिशत की गिरावट आई। निवेशक अगले निर्णायक कदम के लिए नए संकेतों का इंतजार कर रहे हैं, जबकि टैरिफ वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण तेजी सीमित हो रही है।” बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.68 प्रतिशत तथा स्मॉलकैप सूचकांक में 0.35 प्रतिशत की गिरावट आई।

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