बदलते मौसम के साथ ही सब्जियों के दाम में महंगाई का तड़का देखने को मिल रहा है| हरी सब्जियों के भावों में कुछ ही दिन में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिलों में टमाटर की आवक कम होने से दाम बढ़ गए हैं। अब टमाटर मंडी में सेब के भाव बिक रहा है। राजस्थान व शिमला से आने वाले टमाटरों की इस बार आवक कम होने के कारण दाम पिछले कुछ दिनों से दोगुने हो चुके हैं। इसके अलावा टमाटर के साथ धनिया के दाम में भी डबल का उछाल आया है। सब्जी व फलों के दाम बढ़ने के कारण गृहणियों का बजट बिगड़ गया है।

*धनिया और टमाटर के भाव में देखि गयी है बढ़ोतरी*
सबसे अधिक धनिया और टमाटर के भाव में बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिन पहले धनिया का भाव 100 रुपये प्रति किलो था जो अब 200 पार हो चूका है वहींटमाटर का भाव 10 दिन में 30 रुपये बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो मंडी में बिक रहा है | इसके अलावा मटर, भिंडी, हरी मिर्च, घिया, तोरई के भाव उछाल दर्ज की गयी है|

सब्ज़ी विक्रेताओं का मानना है बिन मौसम बदलाव के कारन फसलें काफ़ी प्रभावित हुई है जिसके चलते सब्ज़ियों के दाम में इतना उछाल देखा जा रहा है | सब्ज़ियों के साथ साथ फलों के दाम भी बढ़े है| दाम बढ़ने के चक्कर में घर का बजट भी बिगड़ा है और ऐसे में घर चलने में लोगों को दिक़्क़त भी आ रही है |

*सबज़ियो-फलों के दाम बढ़ना बन गया है एक और चर्चा का विषय*
हालात ये हैं कि बढ़ते दामों पर हर कोई गहन चर्चा करता नज़र आ रहा है और अब ये मुद्दा सिर्फ आपसी मुद्दा नहीं रहा ये मुद्दे अब लोग सोशल मीडिया पर पर भी चर्चा कर सवाल उठा रहे है |
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MOFPI) से प्रत्यक्ष रूप से अपने विचार प्रकट करते हुए आम जनता सोशल माइक्रोब्लॉगिंग ऐप Koo के माध्यम से बता रही है कि आम जनता के लिए पेट्रोल डीजल से अधिक महत्वपूर्ण सब्जियों और अनाज के भाव हैं। यूजर्स Koo ऐप पर पोस्ट करते हुए कहते हैं:

बता दें कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MOFPI) भारत सरकार का एक मंत्रालय है जो भारत में खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित नियमों और विनियमों और कानूनों के निर्माण और प्रशासन के लिए जिम्मेदार है। मंत्रालय की स्थापना वर्ष 1988 में एक मजबूत और जीवंत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विकसित करने, ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने और किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ उठाने और निर्यात के लिए अधिशेष बनाने और मांग को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया था।
*सब्जी अब और पहले के दाम*
टमाटर 60 30
आलू 16 16
प्याज 25 25
घीया 15 7
तोरई 30 20
मटर 200 180
धनिया 200 100
गोभी 30 40
बैंगन 30 30
भिंडी 20 15
हरी मिर्च 40 30
नोट: सब्जियां के दाम रुपये प्रति किलोग्राम।
फलों के दाम
फल पहले अब
सेब 40-50 60-70
केला 30-40 रुपये दर्जन 40-45 रुपये दर्जन
अनार 70-80 50-60
अमरूद 25-30 30-40
चीकू 45-50 50-60
पपीता 40-45 30-35

*संगठन का कहना है कि*
ऑल इंडिया वेजिटेबल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीराम गाडगिल ने बताया कि इन दिनों सभी सब्जियों के भाव बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं क्योंकि बारिश के कारण उत्पादन में कमी आई है. किसान को अच्छा भाव नहीं मिल रहा. बिचौलियों की वजह से जनता को ज्यादा दाम पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. बारिश की वजह से नई सब्जियों के आने तक दाम में तेजी बरकरार रह सकती है.

By Editor

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