जसवंतनगर(इटावा)। मीठेपुर में जन्मे और इटावा में पल बढ़कर मुम्बई के बॉलीबुड में एज ए कास्टिंग डायरेक्टर फिल्मों, टीवी सीरियलों, वेब सीरीज आदि में हीरो हीरोइनों व नव प्रतिभाओं को काम दे रहे राहुल गौर इन दिनों इटावा में आये है। वह यहां की  समृद्ध सांस्कृतिक माटी में पल बढ़ रही प्रतिभाओं को बड़े और छोटे पर्दे पर उतारने के लिए उनकी तलाश में हैं।

सोनी लिव टीवी पर ‘प्यार में ऐसा होता है’ के जरिये कास्टिंग का सफर शुरू करने वाले राहुल गौर इटावा की सीमा पर लगे गांव मीठेपुर में स्व सुनील गौर के घर जन्मे थे। प्रायमरी शिक्षा के बाद इटावा शहर में पले बढ़े, फिर दिल्ली में रिलायंस में जॉब शुरू कर देश दुनिया मे अपनी पहचान बनाने  की।ललक में मार्शल आर्ट के मास्टर मो दानिश के सम्पर्क में आये और  चमक दमक में भाग्य आजमाने  मुम्बई पहुंच गए। संघर्ष के दौर को झेलते कास्टिंग के क्षेत्र में प्रवेश किया। अब  कम से कम 50 फिल्मों सीरियलों में बतौर कास्टिंग डायरेक्टर पहचान बनाने के बाद उन्हें अपने पैदायशी मांटी की सुगंध ने खीच लाया है। उनके चाचा  अश्वनी कुमार सिंह के साथ आज यहां एक होटल में प्रेस से मुखतिब राहुल गौर ने कहा कि  तप तपकर सोना बना हूँ, सपना हमारा नाम जैसे आगे बढ़ा है, वैसा ही  इस इलाके की प्रतिभाओं का आगे बढ़े।

खुद के  प्रोडक्शन हाउस ‘आरजीएफ फिल्म प्रोडक्शन’ के मालिक राहुल गौर ने कहा है कि वह उभरती हुई प्रतिभाओं को फिल्म इंडस्ट्री में लाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।  यह सपना अब सच होने के करीब आ गया है।

उन्होंने 2009 से फिल्म इंडस्ट्री में एक फिल्म ‘प्यार में ऐसा होता है’ में बतौर एक्टर कदम रखा बदकिस्मती रही कि वह नहीं चल सकी फिर उन्होंने कई सीरियल में बतौर कास्टिंग डायरेक्टर काम किया और अब वे फिल्म निर्माता के रूप में फिल्म ‘हलवा’ बनाने जा रहे हैं जिसके लिए सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह व अभिनेत्री सुप्रिया पाठक से बात चल रही है। अमिताभ बच्चन को भी रोल देने का प्रयास है। उन्होंने ‘कसम तेरे प्यार की, ‘राजा बेटा’, ‘अप्पू की उलटन पलटन’, ‘जीजाजी छत पर हैं,’ ‘अपना भी टाइम आयेगा, ‘तेरी मेरी एक जिंदड़ी’ जैसे चर्चित तीन दर्जन से अधिक सीरियल व टीवी शो किए हैं। वह अब देश में कुछ स्थानों पर एक्टिंग इंस्टिट्यूट की स्थापना करना चाहते हैं ,ताकि उभरती प्रतिभाओं का मार्गदर्शन कर सकें।

उन्होंने बताया कि उनकी कास्टिंग के जरिए फरमान खान, ईशा सिंह व अलीशा जैसे नए चेहरों को चर्चित होने का मौका मिला है।  अरुणा ईरानी उन्हें अपने बेटे की तरह मानती हैं। उन्होंने रजा मुराद, उपासना सिंह जैसे अभिनेता अभिनेत्रियों के भी बतौर कास्टिंग डायरेक्टर काम किया है।

उनका कहना है कि कोई भी चीज असंभव नहीं होती है जिस किसी में टैलेंट है वह कामयाब जरूर होता है। संघर्ष के जज्बा की वजह से  उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपना एक मुकाम हासिल किया है। वे अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां सीमा देवी पिता स्वर्गीय सुनील गौर व चाचा अश्विनी गौर को देते हैं। वे तीन भाई एवं एक बहिन है। उन्होंने अपनी शिक्षा शिकोहाबाद व आगरा से पूरी की।बाद में मुम्बई पहुंचकर एक प्रतिष्ठित मुकाम हासिल किया। वह अपने गांव अपने क्षेत्र के नाम को देश दुनियां में पहचान दिलाना चाहते हैं।

 

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By Editor

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