लक्ष्मणकिला के प्रांगण में मेरी मां फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित फिल्मी सितारों से सुसज्जित रामलीला मंचन के अंतिम दिन शुक्रवार को दशहरा महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर अन्याय के प्रतीक 40 फुट रावण के पुतले का दहन किया गया। इस महोत्सव के मुख्य अतिथि सांसद लल्लू सिंह थे लेकिन वह विलंब से पहुंचे।

इसके पहले भगवान राम व लंकापति रावण के बीच घमासान युद्ध का दृश्यांकन बहुत रोमांचकारी रहा। आखिरकार भाई के खिलाफ खड़े विभीषण की सलाह पर रामजी ने रावण की नाभि में स्थित अमृतकुंड को निशाना बनाया और फिर रावण तड़पकर जमीन में गिर गया। इसके साथ ही डिजिटल आतिशबाजी के बीच विस्फोट के साथ रावण का पुतला आग के हवाले हो गया।

धू-धू करते रावण के पुतले के दहन के साथ ही संपूर्ण परिसर भगवान श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो गया। दूसरे दृश्य में लंका विजय कर अयोध्या लौटे प्रभुराम के राजतिलक के साथ रामराज्य की परिकल्पना को पुनः साकार करने की जनाकांक्षा का प्रदर्शन हुआ।

‘प्रथम तिलक वशिष्ठ मुनि कीन्हा’ की परंपरा में लक्ष्मण किलाधीश महंत मैथिली रमण शरण महाराज ने भगवान का तिलक किया। इसी कड़ी में अन्य संतो व अतिथियों ने भी एक-एक कर भगवान का तिलक किया। इसी के साथ दस दिवसीय रामलीला का समापन हो गया।

पारंपरिक मंचन से इतर कथानकों के दृश्यांकन पर थी आपत्ति

अयोध्या में दूसरी बार आयोजित फिल्मी कलाकारों की ओर से मंचित रामलीला में पारंपरिक मंचन से इतर कथानकों के दृश्यांकन का संत समाज ने विरोध किया था। इस विरोध के बाद रामलीला आयोजन समिति के अध्यक्ष सुभाष मलिक ऊर्फ बाबी ने सभी से अलग-अलग भेंट कर उनका सुझाव लिया था।

बताया गया कि पहली रामलीला का मंचन राधेश्याम रामायण पर आधारित था जबकि अयोध्या में रामलीला मंचन की परंपरा रामचरित मानस के अनुसार होती थी, इसके कारण कथानकों में अंतर आ गया था। फिलहाल संतो की आपत्ति का निस्तारण करते हुए गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरित मानस के आधार पर मंचन किया गया।

मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री सहित दूरदर्शन का जताया आभार

रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि इस बार अयोध्या की रामलीला को 20 करोड़ से भी ज्यादा दर्शकों ने दुनिया के कोने-कोने में देखा और एक नया कीर्तिमान बन गया है। उन्होंने इस आयोजन की सफलता में योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा दूरदर्शन का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने संत समाज और जिला प्रशासन के सहयोग के लिए भी कृतज्ञता ज्ञापित की। उधर रावण की भूमिका शाहबाज खान ने बखूबी निभाई। इस रामलीला में अभिनेता बिंदु दारा सिंह ने हनुमानजी, अभिनेत्री भाग्यश्री ने माता सीता, राज माथुर ने भरत, राहुल बुच्चर ने प्रभु श्रीराम व राजेश पुरी ने नारद की भूमिका निभाई। इसी तरह भोजपुरी स्टार व सांसद रविकिशन ने परशुराम, सांसद मनोज तिवारी ने अंगद, अवतार गिल ने विभीषण व रजा मुराद ने कुंभकर्ण की भूमिका का निर्वाह किया।

By Editor

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