*इटावा स्पोर्ट्स स्टेडियम में कल सम्पन्न हुई सांसद खेल स्पर्धा कार्यक्रम में इटावा क्रिकेट टीम को चुनने के लिए आयोजको एवं खेल विभाग को इटावा जनपद में नही मिले युवा क्रिकेटर???*

*सरकार द्वारा आयोजित सांसद खेल स्पर्धा के मूल मंत्र जिसका मकसद ही था ऐसे युवा शहरी एवं ग्रामीण परिवेश के खिलाड़ियों को आगे लाना जो अभी तक गली मोहल्लों से आगे न बढ़ सके हो*

*खुद सांसद महोदय ने भी कहाँ था कि इस प्रतियोगता का भी यही मकसद है कि दबी छिपी प्रतिभायें सामने आए लेकिन यहां इटावा की क्रिकेट टीम में हमेशा की तरह ऐसे क्रिकेटर नज़र आये जो अपनी उम्र की सीमा को पार कर रिटायरमेंट की सीमा को भी पार कर चुके है ऐसे कुछ खिलाड़ी जो कि सरकारी पदों पर कार्यरत है कुछ ठेकेदार खिलाड़ी कुछ अर्ध्द सरकारी खिलाड़ी पदों पर कार्यरत जिनका शुमार इटावा के जाने माने खिलाड़ियों में होता है जिन्होंने औरैया से आई हुई टीम को अपने अनुभव के तले कुचल कर रख दिया*

*हमेशा की तरह स्टेडियम में आयोजित होने वाली किसी प्रतियोगिता में आखिर क्यों इटावा की टीम में ऐसे खिलाड़ियों का चयन होता है जिन्हें अब पीछे हटकर युवाओं को मौका देना चाहिए लेकिन ढाक के वही तीन पात आखिर क्या इटावा में युवा क्रिकेटरों की कमी है??? आखिर क्यों खेल या शिक्षा विभाग सिर्फ एक या दो लोगो पर आँख बंदकर क्रिकेट की ज़िम्मेदारी दे देता है जिनका काम खेलना नही बल्कि युवाओं का खिलाने का है उनको आगे लाने का है*

By Editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *