1. इटावा में विधानसभा चुनाव में पार्टियों से टिकट न मिलने पर कोई बागी हुआ तो किसी का गुस्सा फूट पड़ा। जिले की 3 विधानसभा सीटों पर 20 फरवरी को तीसरे चरण में मतदान होना है। जिसके लिए लगभग सभी राजनीति दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। वहीं टिकट बटने के बाद बगावत के सुर भी तेज होने लगे हैं।

मनीष यादव ने छोड़ी भाजपा

सबसे पहले बगावत समाजवादी पार्टी से शुरू हुई। प्रो. राम गोपाल यादव के करीबी कुलदीप गुप्ता को टिकट नहीं मिला तो उन्होंने बसपा का दामन थामते हुए चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। वहीं भाजपा से 2017 में जसवंतनगर से शिवपाल सिंह यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले मनीष यादव ने भाजपा पर पिछड़े वर्ग की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

जनपद में बागियों को बढ़ रही फेहरिस्त

सदर सीट से समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता व पूर्व प्रत्याशी संटू गुप्ता ने टिकट न मिलने से नाराज होकर सपा छोड़ बसपा के टिकट से चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान किया है। कहा जा रहा है कि इससे सपा को नुकसान हो सकता है। वहीं भरथना सुरक्षित सीट से मौजूदा भाजपा विधायक सावित्री कठेरिया को भाजपा ने टिकट न देकर डॉ. सिद्धार्थ को प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा। हालांकि विधायक सावित्री कठेरिया ने बगावत नहीं की है, लेकिन अंदर ही अंदर उनके कार्यकर्ता और समर्थकों में आक्रोश जरूर दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस प्रत्याशी का विरोध

वहीं कांग्रेस ने भरथना सीट से नए चेहरे के तौर पर स्नेहलता दोहरे पर दांव लगाया है। स्नेहलता दोहरे को टिकट मिलने के बाद से ही उनका विरोध हो रहा है। पार्टी के नेता उनका विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को कई दावेदारों ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदेश नेताओं का पुतला फूंक कर बगावती तेवर दिखा दिए।

By Editor

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