अनिल गुप्ता ऊसराहार

राम कथा का तेज सुंदर कांड में समाहित है, अष्ट सिद्धि और नव निधियों को सहजता में ही भक्त को प्रदान कर श्रीराम के चरणों की भक्ति प्रदान करने वाले हनुमान जी साक्षात सद्गुरु का अवतार हैं।


जनपद के सुप्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ धर्मेंद्र सिंह के आवास पर आयोजित सुंदर कांड पाठ में भक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए आचार्य रामजी तिवारी ने कहा कि श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड अध्याय में राम भक्त हनुमान की महिमा और शक्ति का विस्तार से वर्णन किया गया है. उनका सागर पार करना, सीताजी से मुलाकात करना और लंका को जला कर रावण के दर्प का दलन करना, इन सभी कृत्यों के जरिए हनुमान जी की शक्ति दर्शाई गई है. यह अध्याय पाठ करने वालों में आत्मविश्वास का संचार करता है. कलिकाल में हनुमान जी सबसे जाग्रत देवता हैं. जो कि ‘सुंदरकांड’ का पाठ करने से अति प्रसन्न होते हैं। इसलिए रामचरित मानस के सात सोपान में पांचवें सोपान की महिमा इतनी ज्यादा है पं जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि रामकथा सकाम और निष्काम दोनों फलों को प्रदान करने वाली है भवसागर पार करने की चाह रखने वालों के लिए साक्षात नौका के समान है और जगत की वस्तुओं की चाह रखने वालों के लिए कामधेनु है कार्यक्रम में डा आशीष दीक्षित रवि तिवारी गौरव गुप्ता शशांक मिश्रा अक्षत सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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