नरेन्द्र वर्म
फिरोजाबाद केंद्र सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर समाप्त होने से 2 माह पूर्व तीसरी लहर आने की आशंका जाहिर करते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम को सफाई व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की चेतावनी दी थी और यह भी अवगत कराया था तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक सिद्ध हो सकती है परंतु उक्त सभी विभाग कुंभकरण नींद सोते रहे विभागों ने कोई व्यवस्था नहीं की यदि समय पर उक्त विभाग चैत जाते तो डेंगू और वायरल फीवर जैसी बीमारियां नहीं फैलती वर्तमान समय में डेंगू और वायरल फीवर से करीब 150 से अधिक बच्चे काल के गाल में समा चुके हैं बच्चों की मौत को देखकर आम जनमानस बुरी तरह से भयभीत है डेंगू और वायरल फीवर फेलने के बाद जिला प्रशासन नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग तब चैता जब डेंगू से बच्चों की मोते होने की सूचना प्रदेश सरकार तक पहुंची और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला अस्पताल और डेंगू वार्ड के अलावा जिन मोहल्लों में उक्त बीमारी फैली थी उन क्षेत्रों का दौरा कर आवश्यक निर्देश दिए मुख्यमंत्री के जाने के बाद प्रशासन के आला अधिकारी जिला अस्पताल में लगातार का भ्रमण करते रहे यही नहीं प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने भी जिला अस्पताल का निरीक्षण किया इसके बाद नगर निगम ने क्षेत्र और गली मोहल्लों में सफाई कराना शुरू किया यहां तक की सफाई व्यवस्था में स्थाई रूप से लगे कर्मचारियों के अलावा संविदा कर्मी और नए कर्मचारियों को दैनिक वेतन पर नियुक्त कर लगाया गया इसके बावजूद भी नगर के कई गली मोहल्ले अभी भी सफाई व्यवस्था से वंचित हैं इन मोहल्लों में गंदगी से भरी नालियो की सिल्ट निकालना तो दूर रहा सड़क पर झाड़ू भी नहीं लगी कई मोहल्लों में अभी भी गोबर के ढेर लगे हुए हैं उदाहरण बतोर आवास विकास के सुहाग नगर सेक्टर नंबर 4 और श्याम नगर पातीराम की धर्मशाला के पीछे नजर डाली जाए तो गंदगी का अंबार और गोबर के ढेर लगे होने के साथ उन पर मच्छर भिन-भिनाते नजर आएंगे नगर निगम के नामित पार्षद उदय प्रताप सिंह ने नगर मै फैले डेंगू और वायरल फीवर से बच्चों की मौत होने से दुखी हो कर 30 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिला अधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत की नगर निगम की सफाई व्यवस्था पंगु बनी हुई है मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है उन्होंने पत्र में यह भी जिक्र किया नगर की सफाई व्यवस्था सुंदर बनाने के लिए नगर निगम ने 50 वाहन कूड़ा उठाने के लिए खरीदे थे इन वाहनों को वर्कशॉप में खड़ा करा दिया इन वाहनों को तब निकाला गया जब नगर में डेंगू ने पैर पसार लिए और बच्चों की मौत होने लगी उन्होंने यह भी आरोप लगाया खरीदे गए वाहनों को चलाने के लिए चालकों की नियुक्तियां भी की गई इन नियुक्तियों में 50 हजार से लेकर 1 लाख तक वसूला गया

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