जसवंतनगर। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया का फ्लाईओवर दो साल में ही चटकने लगा है। दरारों को छुपाने के लिए बालश्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कुछ नाबालिग किशोरों को सीढ़ियां लगाकर काम करते हुए देखा गया है।
विवरण के अनुसार नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा बनाए गए फ्लाईओवर में लगे सीमेंट के ब्लॉक धीरे-धीरे चटकने लगे हैं इस कमी को छुपाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा नाबालिग किशोरों को काम पर रखकर बाल मजदूरी कराई जा रही है इन्हें बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के 10 फीट ऊपर केवल एक सीढ़ी के सहारे चढ़कर इन ब्लॉकों में आई दरारों को भरने का काम करते हुए देखा गया है। संवाददाता द्वारा बात करने पर उन्होंने अपने नाम अमन और श्याम बताए जो कि आगरा के निवासी हैं और मजदूरी करने के लिए यहां आए हुए हैं। बार बार पूछने पर भी उन्होंने अपने किसी ठेकेदार या अधिकारी का नाम नहीं बताया। उनके अनुसार उन्हें किसी भी अधिकारी का नाम बताने के लिए मना किया गया है कुछ भी बताने पर संबंधित अधिकारी अथवा ठेकेदार उन्हें मजदूरी से भी वंचित कर सकता है इसलिए मजबूरी में वह किसी का नाम नहीं बता रहे थे।
शासन के स्पष्ट निर्देश भी हैं कि ऊंचाई पर कार्य करते समय सेफ्टी जैकेट सेफ्टी हेलमेट सेफ्टी शूज एवं सेफ्टी बेल्ट सहित सुरक्षा के सारे उपकरणों का प्रयोग किया जाना चाहिए अन्यथा की स्थिति में दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान भी है। किंतु यहां इस मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह नाबालिग किशोरों से कार्य कराया जाना प्रशासन के किसी भी व्यक्ति की नजर में क्यों नहीं आया यह एक विचारणीय प्रश्न है!

By Editor

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