चीन की अर्थिक विकास दर गिरती जा रही है, लेकिन उसकी मुद्रा लगातार मजबूत बनी हुई है। ये बात वित्तीय बाजार में कयास और जिज्ञासा का विषय बन गई है। 2021 में अब तक चीन की मुद्रा युवान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आठ फीसदी मजबूत हो चुकी है।

अमेरिका स्थित कैपिटल मार्केट्स ट्रेडिंग फर्म- बेनॉकबर्न ग्लोबल फॉरेक्स के महा-प्रबंधक मार्क शैंडलर के मुताबिक इस साल युवान का प्रदर्शन दुनिया की सभी मुद्राओं के बीच सबसे अच्छा रहा है। विश्लेषकों ने कहा है कि 2022 में भी ये स्थिति जारी रहेगी।

दूसरी तरफ, चीन की अर्थव्यवस्था ऊंची महंगाई दर, रियल एस्टेट में गिरावट, और प्राइवेट सेक्टर पर जारी सरकारी बंदिशों से मुश्किल में है। लेकिन लिउ ने कहा कि युवान की मजबूत स्थिति से चीन को बड़ी मदद मिल रही है।  उसका असर चीनी निर्यात पर पड़ सकता है।

चीन के सेंट्रल बैंक- पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के मुताबिक चीन के 3.9 ट्रिलियन (620 बिलियन डॉलर) मूल्य के बॉन्ड्स अब दूसरे देशों के पास हैं। इस ट्रेंड का असर यह हुआ कि अक्तूबर में बॉन्ड के अंतरराष्ट्रीय इंडेक्स बनाने वाली एजेंसी एफटीएसई रसेल ने चीन सरकार के बॉन्ड्स को अपने फ्लैगशिप सूचकांक में शामिल कर लिया।

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