अपने संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव ने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान को अपने विद्यार्थियों में बॉटकर समाज को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से लाभान्वित करता है। एक योग्य शिक्षक हमेशा समाज को सकारात्मक दिशा देने की कोशिश करता है। शिक्षक शिक्षा देने के साथ अपने विद्यार्थियों के लिए पथ-प्रदर्शक, दार्शनिक तथा शुभ-चिन्तक होता है। इस दौरान प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव ने अपने विद्यार्थी जीवन तथा शिक्षक जीवन के अनुभवों को मेडिकल स्टूडेन्ट्स के साथ बॉटा।

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