वैजयंती माला एक फिल्मी परिवार से आती हैं, उनकी मां तमिल सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री थीं। वैजयंती माला का जन्मद चेन्नई के त्रिपलीकेन में हुआ। बचपन से ही भारतनाट्यम नृत्य सीखने लगीं। 13 साल की उम्र तक वह स्टेज पर डांस परफॉर्मेंस देने लगीं। जल्द ही उन्हें फिल्मों में भी मौका मिला। फिल्मी दुनिया में आकर वैजयंती माला ने हर तरह किरदार निभाए। जानिए, वैजयंती माला के करियर और पर्सनल लाइफ के बारे में।
16 बरस की उम्र में फिल्मी दुनिया में रखा कदम
वैजयंती माला ने अपने करियर की शुरुआत साल 1949 में एक तमिल फिल्म ‘वाजकाई’ से की। कुछ फिल्में और दक्षिण भारत में करने के बाद वह हिंदी फिल्म ‘बहार’ के जरिए बॉलीवुड में शामिल हुईं। पहली ही फिल्म से वैजयंती माला बॉलीवुड में छा गईं। आगे चलकर उन्होंने ‘नागिन’, ‘लड़की’, ‘देवदास’ ‘मधुमती’ और ‘संगम’ और ‘नया दौर’ जैसी कई हिट फिल्में कीं। वैजयंती माला ने 50 से लेकर 70 के दशक तक बॉलीवुड के नामी एक्टर्स के साथ काम किया। दिलीप कुमार, राज कपूर, सुनील दत्त, राजेंद्र कुमार, जाॅय मुखर्जी जैसे कई नामी कलाकारों के साथ अभिनय किया। हर एक्टर के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया। वह हिंदी के अलावा दक्षिण भारतीय और बंगाली फिल्मों में भी सक्रिय रहीं। फिल्म ‘गंवार(1970)’ वैजयंती माला की आखिरी हिंदी फिल्म थी। इसके बाद वह बड़े पर्दे पर नजर नहीं आईं।
जब फिल्म फेयर अवार्ड लेने से किया इंकार
वैजयंती माला को तीन बार बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला। लेकिन साल 1955 में ‘देवदास’ के लिए जब उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला तो उन्होंने लेने से मना कर दिया। यह अवॉर्ड उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए मिला था। जबकि वैजयंती माला का कहना था कि ‘देवदास’ में उनका रोल चंद्रमुखी सपोर्टिंग नहीं है, यह पाराे यानी सुचित्रा सेन के बराबर का रोल है। 1996 में फिल्मफेयर ने उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट्स अवॉर्ड भी दिया। भारत सरकार ने भी उन्हें साल 1968 में भी पद्मश्री और 2024 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया।
फिल्म ‘संगम’ में पहना स्विम सूट
एक तरफ वैजयंती माला ने भारतीय रंग में रंगे किरदार किए, वहीं वह फिल्म ‘संगम’ में स्विम सूट पहने भी नजर आईं। इसके लिए राज कपूर को वैजयंती माला नहीं उनकी दादी से परमिशन लेनी पड़ी। मिन्नतों के बाद राज कपूर को यह परमिशन मिली कि वह वैजयंती माला पर स्विम सूट वाला सीन फिल्मा सकते हैं। फिल्मों में डांस के कारण वैजयंती माला को काफी सराहा जाता था। ‘संगम’ में भी उन्होंने ‘मुझे बुड्ढा मिल गया’ गाने पर बेहतरीन डांस किया था।
