दिन की नींद में शामिल होने के लिए आलस्य महसूस करने की आवश्यकता नहीं है. दोपहर को कुछ देर सोना याद्दाश्त तेज कर सकता है, काम का प्रदर्शन बेहतर कर सकता है, मिजाज खुशगवार बना सकता है, आपको ज्यादा सजग रख सकता और तनाव में कमी लाता है.

एक रिसर्च से पता चला कि दोपहर को सोने के आदी लोगों को दिन भर की सूचना को व्यवस्थित रखना आसान हो जाता है. जब आप दिन भर में एक ही काम करते हों तो प्रदर्शन दिन गुजरन के साथ बदतर होती चली जाती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ देर सुकून से लेटकर आराम करना मूड बूस्टर है, चाहे आप सोएं या नहीं. अगर दोपहर के खाने के बाद सुस्ती या औंघ आ रही है, तो आप अकेले नहीं हैं.

लेकिन दोपहर में सोने का समय 30 मिनट या कम रखें ताकि जागने पर आपको थकान का एहसास न हो. आप जितना देर सोएंगे, आपके एहसास की संभावना भी बढ़ती जाएगी.

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