राजेंद्र शाक्य

बसरेहर । विकास खंड बसरेहर के अंतर्गत से निकली अनइया नदी के उफान से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें छाई हुई है। वही कबूली गांव के कुछ किसानों के खेत में खड़ी धान की फसल डूबने लगी है। करीब 1 दर्जन से अधिक गांव के किसान हैरान और परेशान हैं।दर्जनों गांव के कुछ किसानों की फसल डूब रही है अगर बारिश हुई और जलस्तर बढ़ा तो कई किसानों की धान की फसल इसकी चपेट में आएगी।
कबूली गांव के किसान राजवीर सिंह, अनिल कुमार, विमलेश कुमार, मुकेश कुमार सहित कई ग्रामीणों ने बताया 4 दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण अन्हैया नदी उफान पर आ गई है जिससे किसानों के सामने अपनी फसल बचाने का संकट पैदा हो गया है नदी किनारे के पास खेतों में खड़ी धान की फसल मैं पानी भरना शुरू हो गया है अगर इसका जलस्तर और बड़ा तो सैकड़ों बीघा किसानों की धान की फसल डूब कर नष्ट हो जाएगी। उन्होंने बताया यह नदी आसपास के दो दर्जन से अधिक गांव से होकर जिसमें टिसुआदेव, नगला लक्षू, फर्दपुरा, मूंज, कबूली ,छतरपुरा, टकीपुरा, रमपुरा सहित कई गांव से होकर निकलती है इस समय इन गांव के किसानों की धान की फसल पर संकट के बादल दिखाई दे रहे हैं।
किसान अनिल कुमार ने बताया यह नदी मैनपुरी जनपद से होकर भोगनीपुर मैं जाकर गिरती है जिला प्रशासन से किसानों ने मांग की कि नाला बंवा का पानी अगर कम नहीं किया गया तो सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसल डूब सकती है।

2 वर्ष पूर्व भी किसानों की फसल डूबी थी
सर्वोदय जागरण मंच के अध्यक्ष नीरज कुमार यादव ने बताया 2 वर्ष पूर्व भी किसानों की फसल नदी में उफान आने के कारण बढ़ते जलस्तर को लेकर डूब गई थी तब उन्होंने जिला प्रशासन को अवगत कराया था।हर वार जब भी जलस्तर बढ़ता है तो किसानों के सामने यह संकट पैदा हो जाता है।

By Editor

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