मथुरा से अजय ठाकुर

 

मथुरा
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएसन(यूटा) के पदाधिकारियों ने डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) में डाटा फीडिंग के नाम पर शिक्षकों के शोषण को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। यूटा की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष अंशुल गौतम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन जिलामंत्री प्रशांत सारस्वत ने किया। पदाधिकारियों की बैठक में विरोध करने पर चर्चा हुई। जिलामंत्री प्रशांत सारस्वत ने कहा कि विभाग बिना किसी संसाधन के शिक्षकों पर जबरदस्ती डीबीटी करने का दबाब बना रहा है,जो गलत है, शासन से ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर कम्प्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति की गई है। इनका कार्य विभागीय योजनाओं का संचालन करना है। जिला कोषाध्यक्ष जतिन ने कहा कि डीबीटी की फीडिंग में यदि अधिकारी अनावश्यक रूप से भय दिखाकर शिक्षकों के शोषण का प्रयास करेंगे तो संगठन हर स्तर से आंदोलन को बाध्य होगा। जिला मीडिया प्रभारी नेत्रपाल सिंह निमोरिया ने कहा कि ब्लॉक संसाधन केंद्र पर सभी संसाधन व कम्प्यूटर ऑपरेटर उपलब्ध हैं। साधनविहीन व अप्रशिक्षित शिक्षकों से जबरन डीबीटी कार्य कराना अनैतिक है। जिलाध्यक्ष अंशुल गौतम ने कहा कि संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द विभागीय एवं प्रशासनिक उच्चाधिकारियों से मिलकर मुखर विरोध दर्ज करेगा।जब ब्लॉक पर कम्प्यूटर ऑपरेटर नियुक्त है तब विभाग ऑनलाइन होने वाले कार्यो को ब्लॉक से सम्पादित क्यो नही कराता।शिक्षको को शिक्षण कार्यो के साथ-साथ विभाग के अन्य महत्वपूर्ण कार्यो से फुर्सत नही है फिर भी जबरदस्ती भय दिखाकर शिक्षको का शोषण यूटा बर्दाश्त नही करेगा अगर डीबीटी करने के लिए शिक्षको को परेशान किया तो यूटा इसका खुला विरोध प्रकट करेगा।बैठक में संगठन के डॉ भगत सिंह आर्य,सुजीत वर्मा, कृपाल सिंह,कृष्ण माधव अग्रवाल,सौरभ सारस्वत, पवन चौधरी,हरिहर शरण सारस्वत, रविन्द्र रावत, पवन ठुकरेला,अजीत सिंह, मनीष पटेल, गौरव सिंह,अखण्ड प्रताप सिंह,रजनी,नीलम,प्रिया,पूजा अग्रवाल, रूबी शर्मा सहित आदि शिक्षक शिक्षिकाओं ने मौजूद रहकर बैठक में डीबीटी का विरोध व्यक्त किया।

By Editor

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