नई दिल्ली:  केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ‘सीएपीएफ’ में आवास संतुष्टि स्तर 48.80 प्रतिशत है। सीएपीएफ ई-आवास पोर्टल पर 6,59,155 कर्मी पंजीकृत हैं, जबकि आवास केवल 1,31,519 कर्मियों को ही मिल सका है। वर्ष 2019 से लेकर अब तक (30.06.2025 तक), 16,364 नए घरों का निर्माण किया गया है। इससे कुल घरों की संख्या 1,33,845 हो गई है। इस वेब-पोर्टल पर अंतर-बल आवास आवंटन की सुविधा उपलब्ध है। अब तक कुल 1154 कार्मिकों को अंतर-बल आवास आवंटित किए जा चुके हैं।

1523 करोड़ रुपये से होगा आधुनिकीकरण
सीएपीएफ, असम राइफल्स (एआर) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों के लिए आवास आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के मकसद से 01.09.2022 को ‘सीएपीएफ ई-आवास’ नामक एक वेब पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल पर साढ़े छह लाख से अधिक कर्मचारी पंजीकृत है। अभी 1.31 लाख से ज्यादा कर्मियों को आवास आवंटित किए गए हैं। 1523 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सीएपीएफ असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और सशस्त्र सीमा बल के लिए आधुनिकीकरण योजना-4 नामक एक केंद्रीय क्षेत्र योजना शुरू की गई है। इसकी कार्यान्वयन अवधि 01.01.2022 से 31.03.2026 तक है। इसका उद्देश्य हथियार, संचार, सुरक्षात्मक उपकरण, निगरानी, सीमा सुरक्षा प्रणाली, प्रशिक्षण सामग्री, बख्तरबंद वाहन और विशेष परिवहन वाहनों के क्षेत्रों में नवीनतम एवं अत्याधुनिक उपकरणों को शामिल करके प्रत्येक सीएपीएफ की क्षमताओं को बढ़ाकर उनकी दक्षता व प्रदर्शन में सुधार करना है।

16% की दर से अतिरिक्त एचआरए
केंद्र सरकार ने सीएपीएफ को विभिन्न भत्ते प्रदान किए हैं। जैसे अतिरिक्त निःशुल्क रेलवे वारंट/एलटीसी, कश्मीर घाटी में तैनात सीएपीएफ कर्मियों को वाई श्रेणी शहर (16%) की दर से अतिरिक्त मकान किराया भत्ता (एचआरए), जम्मू और कश्मीर (जेएंडके) में तैनात गैर-पात्र सीएपीएफ कर्मियों को हवाई यात्रा सुविधा, पोशाक भत्ता, अधिकारी स्तर से नीचे के कर्मियों (पीबीओआर) को आवास के लिए मुआवजे का प्रावधान, समग्र कार्मिक रखरखाव भत्ता, सीएपीएफ कर्मियों को शिक्षा रियायत, आदि।

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