कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता हत्याकांड में आरोपित और एक-एक लाख के इनामी इंस्पेक्टर जेएन सिंह और चौकी इंचार्ज फलमंडी अक्षय मिश्रा को रविवार शाम करीब पांच बजे रामगढ़ताल क्षेत्र से गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करने के बाद मामले की जांच कर रही एसआईटी को सौंप दिया। घंटों पूछताछ के बाद देररात एसआईटी ने दोनों आरोपियों को अपर मुख्य न्यायिक मजस्ट्रिेट अमित कुमार की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

 

एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर जगत नारायन सिंह और चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में गोरखपुर आए थे। पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बनाई गई टीम में शामिल बांसगांव इंस्पेक्टर राणा देवेन्द्र सिंह ने सूचना के आधार पर देवरिया बाइपास मोड़ से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस को चार अन्य आरोपी पुलिसवालों की जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है। वहीं इस मामले  में आरोपित एक अन्य एसआई विजय यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरेंडर की अर्जी डाली है।

 

कानपुर के बर्रा निवासी प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता दो दोस्तों के साथ 27 सितंबर को गोरखपुर घूमने आए थे। रामगढ़ताल इलाके के कृष्णा पैलेस होटल में रुके थे। 27 सितम्बर की आधी रात को होटल के कमरे में चेकिंग करने पहुंचे पुलिसवालों की पिटाई से मनीष की मौत हो गई थी। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने पुलिसवालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

थाने पर ही मेडिकल

इससे पहले इंस्पेक्टर जेएन सिंह और एसआई अक्षय मिश्र की रामगढ़ताल थाने पर ही डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम ने मेडिकल किया। दोनों आरोपियों को देर रात कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से थाने से लेकर कोर्ट तक भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। दोनों आरोपियों को देर रात करीब एक बजे जेल लाया गया, जहां सुरक्षा के लिहाज से दोनों को नेहरु बैरक में रखा गया है।

हादसे पर अड़े रहे आरोपी

इंस्पेक्टर जेएन सिंह और चौकी इंचार्ज रहे अक्षय मिश्रा से एसआईटी ने रामगढ़ताल थाने में ही पूरी रात पूछताछ की। इस दौरान वह हादसे पर ही अड़े रहे। उनका कहना था कि मनीष गुप्ता ने ज्यादा पी रखी थी। नशे की हालत में ही उसे चोट आई और अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

बोले एसएसपी

इंस्पेक्टर जेएन सिंह और एसआई अक्षय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों कोर्ट में सरेंडर की फिराक में थे। दोनों को एसआईटी को सौंप दिया गया है। आगे की कार्रवाई एसआईटी करेगी।

डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी, गोरखपुर

By Editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *