तालिबान राज में महिलाओं और लड़कियों को अपनी सुरक्षा और अधिकारों की सबसे ज्यादा चिंता होने लगी है। तालिबान हमेशा से लड़किओं और महिलाओं की शिक्षा का विरोध करता रहा है।  संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने राहत की खबर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तालिबान जल्द ही लड़कियों की शिक्षा को बढ़ाने के लिए कई प्रांतों में माध्यमिक विद्यालय खोलने की घोषणा करने वाला है।

उन्होंने आगे कहा कि अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में से पांच – उत्तर पश्चिम में बल्ख, जवज्जन और समांगन, उत्तर पूर्व में कुंदुज और दक्षिण पश्चिम में उरोजगान पहले से ही लड़कियों को अनुमति दे रहे हैं। आब्दी ने कहा कि जैसा कि आज मैं आपसे बात कर रहा हूं, माध्यमिक विद्यालय की उम्र की लाखों लड़कियां लगातार 27वें दिन शिक्षा से वंचित हैं। अब और अधिक इंतजार सही नहीं है।

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी ने कहा कि वर्ष 1996-2001 तक तालिबान के पिछले शासन के दौरान उन्होंने लड़कियों और महिलाओं को शिक्षा के अधिकार से वंचित कर दिया और उन्हें काम करने एवं सार्वजनिक जीवन जीने से रोक दिया था।

वर्ष 2001 में अफगानिस्तान में केवल 10 लाख बच्चे स्कूल जाते थे लेकिन पिछले 20 वर्षों में अब यह संख्या बढ़कर एक करोड़ हो गई है जिसमें 40 लाख लड़कियां भी शामिल हैं। लेकिन तालिबान के शासन आने के बाद से फिर से इन सभी छात्र/छात्राओं की शिक्षा पर खतरा मंडराने लगा है।

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