शराब ठेका पर साफ-साफ लिखा होता है 21 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को व वर्दीधारी धारक को शराब लेना व शराब बेचने वाले के लिए भी कहा जाता है शराब बेचना अपराध है

ये तस्वीरें वह वीडियो राजधानी लखनऊ के थाना मड़ियांव के अंतर्गत सचिवालय देसी शराब ठेके का है जहां पर एक दीवान मोटरसाइकिल से आता है और देसी शराब के ठेके पर जाकर एक देसी क्वार्टर खरीदता है हेलमेट भी लगाए रहता है अपनी बचत के लिए इन साहब का चेहरा कैमरे में रिकॉर्ड ना हो वहां से खरीदने के बाद हांथ में खुलेआम जाया जाता है जबकि ठेके पर साफ-साफ लिखा होता है 21 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शराब देना गैरकानूनी है दूसरा पॉइंट यह भी लिखा होता है वर्दी धारक को भी शराब देना व लेना गैरकानूनी है लेकिन साहब का चस्का ही कुछ इस तरह है वर्दी की मर्यादा को तार-तार करते हुए देसी क्वार्टर खरीदते हैं और खुलेआम हाथ में लेकर रोड पर चल देते हैं और अपनी बाइक पर सवार होकर रफूचक्कर हो जाते हैं।

यह वही थाना है जहां पर शराब पीने वालों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाती लेकिन मड़ियाव थाना प्रभारी सिर्फ आम जनता के ऊपर कार्रवाई करने के लिए माहिर माने जाते हैं लेकिन इन साहब के क्षेत्र में शराब पीकर पुलिस अगर कोई अपराध करें तो शायद दबाने का प्रयास करेंगे

दीवान जी अगर शराब ले गए हैं तो कोई पूजा करने के लिए नहीं ले गए होंगे खुद के लिए या किसी और के लिए शायद पीने के लिए ही ले गए होंगे अगर नहीं ले गए होते एक मर्यादा रहती और वर्दी में शराब ना लेते तो वर्दी की मर्यादा की हीनता भी मानी जाती है

कुछ माह पूर्व भी मड़ियांव थाना के अंतर्गत बिठौली के पास शराब ठेके के पास एक सिपाही शराब की चुस्कियां लेते नजर आया था।
जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बना रहा
वर्दी की मर्यादा को तार-तार करते हुए और कमिश्नर पुलिस की धज्जियां उड़ाते हुए यह दीवान के ऊपर क्या कोई कार्रवाई होगी या पुलिस पर्दा डालने का काम करेगी

यही नहीं समय से पहले भी लगभग सभी ठेको पर शराब की बिक्री ज्यादा रेटों में की जाती है।

गुप्त सूत्रों की माने तो थाने में जाती है मोटी रकम

अगर यही कोई आम आदमी होता तो उसके ऊपर की जाती कठोर से कठोर कार्रवाई क्या वर्दी धारक के ऊपर कार्रवाई होगी जनता जानना चाहती है इस सवाल का जवाब।

By Editor

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