संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की अहम बैठक कुंडली बॉर्डर पर आज दोपहर तीन होनी प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि किसानों के आंदोलन को एक साल पूरा होने से पहले होने जा रही बैठक में कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

मोर्चा के सदस्य मंजीत राय ने कहा कि सरकार को झुकाने के लिए जरूरी है कि कुछ खास निर्णय लिए जाएं। किसान कृषि कानूनों को रद्द कराने व एमएसपी की गारंटी के लिए 26 नवंबर 2020 से दिल्ली की सीमाओं पर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

इसके बाद 26 जनवरी को लाल किले की घटना के बाद से सरकार व किसानों के बीच पैदा हुआ गतिरोध आज तक समाप्त नहीं हुआ है। सरकार की ओर से बातचीत का कोई न्योता नहीं दिया जा रहा है।

अब किसानों को दिल्ली के बॉर्डरों के बजाय दिल्ली के भीतर घुसकर प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरना देना चाहिए। बॉर्डरों को सरकार खोलना चाह रही है तो ऐसे में किसानों के पास भी मौका है कि वे दिल्ली में घुसकर प्रधानमंत्री आवास व संसद का घेराव करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *