प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लेने के बाद विपक्षी पार्टियों ने साधा निशाना

छाता /- शुक्रवार को प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संबोधित किया इसी क्रम में 1 वर्ष से चल रहे किसान आंदोलन जोकि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए चल रहा था आज नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों से क्षमा मांगते हुए तीनों कृषि कानून वापिस लिए और किसानों से अपने-अपने घर जाने की अपील की तीनों कृषि वापसी की घोषणा होते ही विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी सरकार को जमकर घेरा इसी क्रम में आज राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी ने तीनों किसी कानूनों को वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और कहा की यह तीनों कृषि कानून इन्होंने उत्तर प्रदेश के 2022 चुनावो में हार को देखते हुए वापस लिए हैं वहीं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा अजय पाल ठाकुर ने कहा की तीनों कृषि कानून जो कि नरेंद्र मोदी ने वापस लिए हैं और 1 साल से किसान आंदोलन में जो किसान शहीद हुए हैं उन्हें केंद्र की भाजपा सरकार मुआवजा दे और उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे वही प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा की 2017 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने वादा किया था की अगर प्रदेश में हमारी सरकार बनती है तो छाता शुगर मिल को चालू कराकर रहेंगे साडे 4 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी छाता शुगर मिल आज तक चालू नहीं हो पाई है 26 तारीख को छाता तहसील परिसर में शुगर मिल आंदोलन अनिश्चितकालीन के लिए चालू हो रहा है इस आंदोलन को हमारा पूरा समर्थन रहेगा हम किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस आंदोलन को छाता शुगर मिल चालू होने तक जारी रखेंगे पार्टी के राष्ट्रीय सलाहकार देवेश तिवारी ने छाता विधान सभा के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर छाता शुगर मिल उनके कार्यकाल में नहीं चलती या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी बात को नहीं मानते हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इस मौके पर किसान नेता मुरारी सिंह किसान नेता चरण सिंह जादौन किसान नेता चंद्रपाल सिंह किसान नेता हरीश चंद जिला अध्यक्ष संजय गुर्जर आदि लोग उपस्थित रहे।

रिपोर्ट /- प्रताप सिंह

By Editor

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