मथुरा से अजय ठाकुर

मामला गोवर्धन क्षेत्र के अंतर्गत गांव दोसेरस गांव की आशा का है जोकि चंद पैसों की खातिर गर्भवती महिलाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करती हुई नजर आती है गर्भवती महिलाओं को सामुदायिक केंद्र गोवर्धन ले जाने के बजाय उनको पशु पैठ के पास बने एक घर मैं ले जाकर डिलीवरी करवाती है हम आपको बताते चलें गांव में सरकारी योजना के तहत नियुक्त की गई आशाओं का कार्य गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर टेस्टिंग कराना एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना एवं समय आने पर उनकी डिलीवरी कराने के लिए सामुदायिक केंद्र तक पहुंचाना होती है मगर दोसेरस मैं नियुक्त आशा पद पर आशा शर्मा नामक महिला व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए निजी घर नुमा हॉस्पिटल में पहुंचा कर अपना स्वार्थ सीधा करती हुई नजर आई जब मीडिया की टीम ने हॉस्पिटल पर पहुंचकर देखा तो इस घर पर ना तो कोई डॉक्टर का बोर्ड लगा था और ना ही कोई हॉस्पिटल जैसी सुविधा अंदर नजर आ रही थी जब मीडिया की टीम में डॉक्टर महिला से बात की तो उसने बताया कि मैं तो यहां दवाई बेचने का कार्य करती हूं अब देखने की बात यह है की विभाग ऐसी आशाओं के साथ क्या कार्रवाई करता है यह महिलाएं अपने स्वार्थ के लिए किसी भी गर्भवती महिला के जीवन के साथ खिलवाड़ करने को तैयार बैठी रहती हैं

By Editor

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