संविधान दिवस के मौके पर संसद में आयोजित कार्यक्रम में विपक्षी दलों द्वारा शामिल न होने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी दल का नहीं था।

पीएम महात्मा गांधी ने आजादी के आंदोलन में अधिकारों के लिए लड़ते हुए भी देश को कर्त्तव्यों के लिए तैयार करने की कोशिश की थी। वे स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत का विचार लाए थे। महात्मा गांधी देश को तैयार कर रहे थे। उन्होंने जो बीज बोए थे वे वटवृक्ष बन जाने चाहिए थे। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। अच्छा होता देश आजाद होने के बाद कर्त्तव्य पर बल दिया गया होता तो अधिकारों की अपने आप रक्षा होती।

बिना नाम लिए कांग्रेस पर साधा निशाना संविधान की भावना को चोट पहुंची है। इसकी एक-एक धारा को चोट पहुंची है। तब जब राजनैतिक धर्म लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो चुके हों। जो दल लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो चुके हों, वो लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं।एक राजनीतिक दल, पार्टी- फॉर द फैमिली, पार्टी- बाय द फैमिली… आगे कहने की जरूरत नहीं लगती।

ओम बिरला: संसद में मर्यादापूर्ण आचरण की आवश्यकता लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि हमारे प्रगतिशील संविधान को देश विदेश हर जगह सम्मान की दृष्टि व प्रेरणा के श्रोत के रूप में देखा जाता है। हमारे संविधान ने नागरिकों के लिए न्याय की व्यवस्था की है। संसद में हम देश की 135 करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं।

संविधान दिवस समारोह : बिना नाम लिए पीएम का कांग्रेस पर तंज, फॉर द फैमिली, बाय द फैमिली…आगे कहने की जरूरत नहीं संविधान दिवस पर संसद भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे चुके हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कर रहे हैं। इस दौरान उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू भी मौजूद हैं। कांग्रेस समेत 14 विपक्षी दलों ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया है।

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