संसद में कृषि कानूनों का निरस्तीकरण विधेयक पारित होने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि अब किसान आंदोलन खत्म हो जाएगा। साथ ही किसानों की घर वापसी भी हो जाएगी।

वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को कहा कि किसानों के घर वापसी की अफवाह फैलाई जा रही है। एमएसपी और किसानों पर मुकदमा वापस लिए बिना कोई भी किसान यहां से नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि चार दिसंबर को हमारी बैठक है। जब तक एमएसपी पर कानून नहीं बन जाता और किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस नहीं लिए जाते, तब तक कोई भी किसान यहां से नहीं हिलेगा।
मांगें पूरी होने के बाद ही हम यहां से जाएंगे। हालांकि, इससे पहले संकेत मिल रहे थे कि कृषि कानून निरस्त होने के बाद धरना खत्म हो जाएगा और किसान वापस घर चले जाएंगे।

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