ओमिक्रॉन दुनिया के 29 देशों में 373 लोगों में मिल चुका है, जिनमें सर्वाधिक 183 दक्षिण अफ्रीका के हैं। इसकी तेजी का अंदाजा इस बात से होता है कि दक्षिण अफ्रीका में बीटा वैरिएंट 50 प्रतिशत मामलों में और डेल्टा को 75 प्रतिशत मामलों में मिलने में 100 दिन लगे थे.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मानव कोशिकाओं से चिपकने में मदद करने वाले स्पाइक प्रोटीन इस वेरिएंट में ज्यादा शक्तिशाली हैं, इसलिए यह ज्यादा तेजी से फैल रहा है। आशंका है कि इसकी म्यूटेशन की रफ्तार भी दोगुनी हो सकती है।
 सुबह 8 बजे तक भारत में 37 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें लैंड कर चुकी थीं। इनमें 7,976 यात्री आए, जिनकी आरटी-पीसीआर जांच करवाई गई। 10 लोग कोविड पॉजिटिव मिले थे, जिनके सैंपल जीनोम जांच में भेजे गए हैं। दो में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि हुई। यह दोनों पुरुष हैं, एक की उम्र 66 और दूसरे की 46 वर्ष है। इन सभी के प्राइमरी और सेकंडरी कॉन्टेक्ट तलाशे जा रहे हैं।

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