सैफई/इटावा। चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई के रेजिडेन्ट डाक्टर्स एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा से मिलकर 06 दिसम्बर 2021 से जरूरी ओपीडी, आईपीडी, एवं अन्य सेवाओं को बाधित करने का ज्ञापन दिया।
इस बारे में कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 30 सन् 1966) की धारा 3 की उप धारा (1) के अधीन उत्तर प्रदेश राज्य के कार्य-कलापों से सम्बन्धित किसी लोक सेवा एवं राज्य सरकार के स्वामित्वाधीन या नियंत्रणाधीन किसी निगम के अधीन किसी सेवा तथा किसी स्थानीय प्राधिकरण के अधीन किसी सेवा हेतु छः मास की अवधि के लिए हड़ताल निषिद्व की गयी है। विश्वविद्यालय भी इसकी परिधि में आता है तथा इस प्रकार की किसी भी हड़ताल, कार्य बहिष्कार, धरना प्रदर्शन आदि में सम्मिलित होने पर सम्बन्धित के विरूद्व सम्बन्धित अधिनियम के अर्न्तगत कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्घ में रेजिडेन्ट डाक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बात की गयी है तथा एसोसिएशन ने आश्वासन दिया है कि उनके द्वारा जरूरी सभी स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग किया जायेगा तथा मरीजों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी।
रेजिडेन्ट डाक्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डा0 टिंकू सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर मॉग की गयी है कि अतिशीघ्र डाक्टरों की कमी पूरी की जाय अन्यथा आगामी सोमवार से जरूरी सेवायें प्रभावित होंगी। डा0 टिंकू सिंह ने बताया कि अभी तक नीट पीजी की काउंसलिंग नहीं हो सकी है, जबकि रिजल्ट आए काफी वक्त बीत चुका है।

By Editor

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