इटावा ईंटो में छिपा था 5 फुट लम्बा घोड़ा पछाड़, सर्पमित्र डॉ आशीष ने सुरक्षित रेस्क्यू

(सभी सर्प जहरीले नहीं होते कृपया सर्पों को वेवजह ही न मारे)

*इटावा* । थाना फ्रेंड्स कॉलोनी के अन्तर्गत कुनैरा बाईपास रोड स्थित यशोदा आईटीआई के कैम्पस में एक 5 फुट लम्बा खूबसूरत सा घोड़ा पछाड़ सर्प (RAT SNAKE) बाहर रखे ईंटों के चट्टे में जाकर छिप गया था जो कि सम्भवतः मेढक या चूहा खाने के लिये वहाँ आया था । उक्त सर्प के दिखाई देने की सूचना वन्यजीव विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष को संस्थान संचालक द्वारा फोन पर मिली । सूचना मिलते ही डॉ आशीष तत्काल ही अपने विशेष उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत ही दो मिनट से भी कम समय मे उस घोड़ा पछाड़ सर्प को काबू में कर बिना नुकसान पहुंचाए ही सुरक्षित पकड़कर उसे उसके प्राकृतवास में छोड़ भी दिया।
मौके पर मौजूद विद्यालय के संचालक शैलेन्द्र भदौरिया ने बताया कि, उक्त सर्प पिछले तीन चार घण्टे से ईंटों के चट्टे में ही छुपा बैठा था। जिसे देखकर मजदूर बेहद ही डर गये और उन्होंने निर्माण कार्य भी रोक दिया था लेकिन उन्होंने उस सर्प को किसी को भी मारने नहीं दिया। राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया के यूपी कोर्डिनेटर व जनपद इटावा के ऑफियोलॉजिस्ट सर्पमित्र डॉ आशीष ने वहाँ उपस्थित मजदूरों को जानकारी देते हुये बताया कि, इस रैट स्नेक घोड़ा पछाड़ में किसी भी प्रकार का कोई जहर नही होता है इस विषहीन सर्प से किसी को कोई नुकसान भी नही होता है । विकास के आरम्भ काल से ही धरती पर मौजूद ये शीत रक्त वाले प्राणी सर्प व अन्य सभी सरीसृप इस समय के सर्दी के मौसम में तापमान गिरने से बेहद ही लाचार हो जाते है और ठीक से सतह पर रेंग भी नही पाते है इनके शरीर का रक्त जमने लगता है फिर धूप निकलने पर ही ये पुनः सक्रिय हो पाते है इसलिये निवेदन है कि, कृपया वेवजह ही कभी दिखाई देने पर इन बेजुबानो की हत्या बिल्कुल भी न करें क्यों कि,सभी सर्प जहरीले नहीं होते।फिर भी किसी भी अन्य प्रकार के जहरीले सर्प कोबरा, करैत,रसल के दंश से पीड़ित होने पर किसी भी व्यक्ति को सही उपचार न मिलने पर उसकी असमय मृत्यु भी हो सकती है चूंकि, पिछले वर्ष हमारे जनपद में जहरीले सर्प कोबरा व करैत की बाइट से दो से तीन लोगो की मौत हो चुकी है अतः इस समय सर्दी के मौसम में भी जब इस समय लगभग सभी सर्प हाइबरनेशन प्रक्रिया में है तब इनका दिखाई देना अचंभित करता है । फिर भी रात्रि में या कहीं भी खासकर अंधेरे में जाते वक्त आपको बेहद ही सावधान रहने की आवश्यकता है। कृपया घर से जब भी बाहर जाएं तो जूते पहनकर व कोई टोर्च लेकर ही निकले, यदि दुर्भाग्य से कभी कोई स्नेक बाइट हो भी जाये तो कृपया तत्काल ही बिना समय गंवाये ही मरीज को निकट के जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड ले जाकर एडमिट करायें। क्यों कि, सर्प दंश का एकमात्र उपचार एंटीवेनम ही है अतः कभी भी सर्पदंश होने पर किसी बाबा या तांत्रिक द्वारा झाड़ फूंक कर जहर उतारने में अपना कीमती समय बिल्कुल व्यर्थ न करें। अन्यथा रोगी की जान जा सकती है।
जनपद में डॉ आशीष द्वारा चलाये जा रहे जागरूकता अभियान का अब यह असर है कि, लोगों ने सर्पों को मारना ही छोड़ दिया है और सीधे सर्प दिखाई देने पर डॉ आशीष को सूचना देने लगे है।

By Editor

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