दिग्गज निर्देशक महेश भट्ट के निर्देशन में बनी फिल्म ‘आशिकी’  17 अगस्त 1990 में जब रिलीज हुई थी तो सबको लगने लगा कि राहुल रॉय और अनु अग्रवाल के रुप में बॉलीवुड को अगली सुपरहिट जोड़ी मिल गई.

गुलशन कुमार ‘आशिकी’ के प्रोड्यूसर थे और महेश भट्ट निर्देशक. दोनों ने ही नए-नए कलाकारों राहुल रॉय और अनु अग्रवाल पर दांव खेला था. लेकिन दांव सही साबित हुआ, इस म्यूजिकल फिल्म के हिट होते ही राहुल को रोमांटिक हीरो और लवर ब्वॉय का तमगा मिल गया.

लेकिन दुख की बात है कि राहुल रॉय ‘आशिकी’ वाला करिश्मा अपनी पूरी जिंदगी में दोहरा नहीं पाए. ‘आशिकी’ के बाद करीब 25 फिल्में राहुल ने की जो फ्लॉप रहीं तो कई महीने राहुल को काम ही नहीं मिला. करीब 8 महीने खाली रहने के बाद राहुल को एक दो नहीं बल्कि 60 फिल्मों के ऑफर मिले.

‘आशिकी’ के बाद ‘फिर तेरी याद आई’, ‘जानम’, ‘सपने साजन के’ जैसी फिल्में की लेकिन एक भी नहीं चली. राहुल रॉय गुमनामी में खो गए कुछ ऐसा ही हाल फिल्म की एक्ट्रेस अनु अग्रवाल का हुआ.

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