दुनिया भर में 2019 से फैली कोरोना महामारी से हुई मौतों का असल आंकड़ा सरकारों द्वारा जारी आंकड़ों से दो से चार गुना तक ज्यादा है। ब्रिटेन की प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर ने एक शोध के आधार पर यह दावा किया है।

दुनियाभर में बहस जारी है कि क्या विभिन्न देश विश्व मंच पर अपनी बदनामी व छवि खराब होने के डर से कोविड-19 की मृत्यु दर को छिपाते हैं? नेचर में प्रकाशित रिपोर्ट में लंदन में ‘द इकोनॉमिस्ट’ पत्रिका द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले तरीके व आंकड़ों के आधार पर यह दावा किया है।

नेचर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार कोरोना मौतों के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का पहला आकलन जल्द आने वाला है। संगठन ने कोरोना से हुई मौतों की असल संख्या पता लगाने के लिए कई विशेषज्ञों की राय ली है। इन आंकड़ों की पांच साल पहले के मौतों के आंकड़ों से तुलना की जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार धनी देशों में कोरोना से असल मौतें उनके मौजूदा आंकड़ों से एक तिहाई ज्यादा हो सकती हैं। वहीं गरीब देशों में यह संख्या मौजूदा आंकड़ों से 20 गुना तक ज्यादा हो सकती है।

दुनिया भर में 2019 से फैली कोरोना महामारी से हुई मौतों का असल आंकड़ा सरकारों द्वारा जारी आंकड़ों से दो से चार गुना तक ज्यादा है। ब्रिटेन की प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर ने एक शोध के आधार पर यह दावा किया है।

दुनियाभर में बहस जारी है कि क्या विभिन्न देश विश्व मंच पर अपनी बदनामी व छवि खराब होने के डर से कोविड-19 की मृत्यु दर को छिपाते हैं? नेचर में प्रकाशित रिपोर्ट में लंदन में ‘द इकोनॉमिस्ट’ पत्रिका द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले तरीके व आंकड़ों के आधार पर यह दावा किया है।

नेचर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार कोरोना मौतों के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का पहला आकलन जल्द आने वाला है। संगठन ने कोरोना से हुई मौतों की असल संख्या पता लगाने के लिए कई विशेषज्ञों की राय ली है। इन आंकड़ों की पांच साल पहले के मौतों के आंकड़ों से तुलना की जाएगी।

रिपोर्ट के अनुसार धनी देशों में कोरोना से असल मौतें उनके मौजूदा आंकड़ों से एक तिहाई ज्यादा हो सकती हैं। वहीं गरीब देशों में यह संख्या मौजूदा आंकड़ों से 20 गुना तक ज्यादा हो सकती है।

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