रूस व यूक्रेन के बीच सैन्य तकरार के बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका ने चीन को चेताया है। अमेरिका ने चीन को आगाह किया है कि वह इस मौके का फायदा ताइवान में अपना दखल बढ़ाने के तौर पर न उठाए।

ताइवान को लेकर चीन के इरादे नेक नहीं हैं। जहां अमेरिका व अन्य देश उसे लगातार आगाह कर रहे हैं, वहीं ड्रैगन भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। अमेरिका ने परमाणु हथियारों से लैस दो युद्धपोत एक फिलीपींस के समुद्र में तो एक अन्य जापान के योकोसूका में तैनात कर दिया है।

चीन ने भी अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती के जरिए अमेरिका को जवाब दिया है। पीएलए ने रविवार को ताइवान के दक्षिण पश्चिमी वायु रक्षा क्षेत्र (ADIZ) में 39 लड़ाकू विमान भेजे हैं।

इस बीच, ताइवान की वायु सेना ने हवाई गश्त और जमीन से हवा में मार करने वाली प्रक्षेपास्त्र प्रणाली को सक्रिय कर दिया है  पीएलए को किसी भी आक्रामकता से रोका जा सके।
अक्तूबर 2021 के बाद पहली बार पीएलए ने अमेरिकी अभ्यास के मुकाबले में इतनी बड़ी तादाद में लड़ाकू विमान तैनात किए हैं।ताइवान के वायु क्षेत्र के चीन द्वारा बड़े पैमाने पर हवाई उल्लंघन को देखते हुए अमेरिकी नौसेना ने अपने तीन लड़ाकू युद्धपोत ताइवान की मदद के लिए भेजे हैं।

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