अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने रूस पर और आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। रूस के कुछ बैंकों को स्विफ्ट सिस्टम से बाहर किया गया है। रूस के सेंट्रल बैंक को भी स्विफ्ट सिस्टम से बाहर किया गया।उसकी 63,000 करोड़ डॉलर की संपत्तियों को फ्रीज किया गया है।

 पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, प्रतिबंध नहीं लगाने पर अंतिम विकल्प तीसरा विश्वयुद्ध शुरू करने का बचेगा। ईयू आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन के अनुसार प्रतिबंधों से रूसी बैंक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेन-देन नहीं कर पाएंगे, जिससे उसके आयात-निर्यात पर असर पड़ेगा।

स्विफ्ट के विकल्प हैं, लेकिन सीमित

  • स्विफ्ट के अलावा फेडवायर, रिपल, एसपीएफएस, चिप्स आदि सिस्टम भी विकल्प हैं, लेकिन सीमित स्तर पर।
  • इनके मुकाबले स्विफ्ट बेहद बड़ा है, इसे 11 देश और वहां के केंद्रीय बैंक मिलकर बेल्जियम से चलाते हैं।
  • रूस के लिए एसपीएफएस अस्थायी विकल्प बन सकता है। 2014 में क्रीमिया छीनने के बाद इसे रूस ने स्विफ्ट के मुकाबले तैयार किया था।

 रूसी बैंक पहले ही अमेरिका से प्रतिबंधित हैं। तेल व गैस के लिए होने वाले लेन-देन को प्रतिबंध से बाहर रखा गया। रूस इसी से 40 प्रतिशत राजस्व पाता है, लिहाजा ताजा प्रतिबंध ज्यादा प्रभावी नहीं माने जा रहे। विशेषज्ञों के अनुसार व्यापक वित्तीय प्रतिबंधों का ही असर होता है। 2012 में अमेरिका ने ईरान को स्विफ्ट सिस्टम से पूरी तरह बाहर किया। उसका 50 प्रतिशत तेल निर्यात राजस्व बंद हुआ, कुल 30 प्रतिशत विदेशी कारोबार भी खत्म हो गया।

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