पिछले चार महीने से पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई खास बदलाव नहीं किया गया है. लेकिन अब आम आदमी को पेट्रोल-डीजल की कीमत झटका दे सकती हैं.

देश के पांच राज्यों जिनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब शामिल हैं वहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. ऐसे में अगले सप्ताह चुनाव समाप्त होने के साथ ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की पूरी संभावना है.

अभी पेट्रोल पंप पर मिलने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में नवंबर से कोई बदलाव नहीं किया गया है। हमारा अनुमान है कि स्पॉट ब्रेंट (105/बीबीएल डॉलर) और डीजल की कीमतों पर तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को 5.7 रुपये प्रति लीटर और सामान्य मार्जिन पर 2.5 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।

पिछले साल 3 नवंबर को केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर से एक्साइज ड्यूटी कम कर दी थी. उसके बाद कई दिल्ली, यूपी, पंजाब सहित कई राज्यों ने भी पेट्रोल-डीजल के दाम घटा दिए थे. तब से लेकर अब तक ईंधन की कीमत में मामूली बदलाव हुआ है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई है. ऐसी स्थिति में ऑयल कंपनियों को भी सामान्य मार्जिन प्राप्त करने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर का इजाफा करने की जरूरत है. फ्यूल की ये कीमत 2014 के अगस्त के बाद सबसे ज्यादा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *