सुनील कुमार

एटा ।पुलिस विभाग की ताना शाही और गुंडागर्दी का असर अब आम जनता से आगे बढ़कर सता धारी पार्टी के जनप्रतिनिधियों पर भी पढ़ने लगा है। यह नजारा अलीगढ़ के अतरौली कस्बे में एक पोस्ट पर उस समय देखा गया जब एटा सदर के विधायक बिपिन वर्मा डेविड स्वर्गीय कल्याण सिंह कीपैड भी मैं शामिल होने जा रहे थे। नाते पर तैनात पुलिस कर्मियों ने न कि वालों ने रोका बल्कि अनावश्यक बहस की। जबकि साथ जा रहे हो लोगों ने बता दिया था कि एटा शहर के विधायक है। पुलिस का यह रवैया देखकर सदर विधायक बिगड़ गए पुलिस को भ्रष्टाचारी और तानाशाह संगठन बता दिया। सदर विधायक के साथ पुलिस के इस सलूक की जनपद एटा में घोर निंदा हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता खुलकर कहने लगे हैं कि पुलिस का यही रवैया रहा तो योगी सरकार की हार सुनिश्चित है। पुलिस को जिस तरह से अनावश्यक जरूरत से ज्यादा अधिकार दे दिए गए उससे विभाग का सत्यानाश हो गया है और पुलिस विभाग जनप्रतिनिधियों तक का सम्मान नहीं कर रहा। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता यहां तक कहते चले गए हैं कि जब जनप्रतिनिधियों का यह हाल है तो आम जनता के साथ पुलिस कर्मियों का क्या सलूक होगा। भाजपा यू ने यह भी दावा कि आने वाले 4 महीने बाद होने वाले चुनावों में यदि पार्टी की हार होती है तो इसके लिए पूरी तरह पुलिस विभाग की जिम्मेदार होगा।

सिर्फ विपिन वर्मा डेविड ही नहीं बल्कि जनपद के साहित्यकार सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य संगठनों के लोग भी उनके साथ अलीगढ़ में की गई बदसलूकी को लेकर पुलिस विभाग से बहुत नाराज हैं। सामाजिक संगठनों का कहना हैं कि योगी आदित्यनाथ को पुलिस विभाग पर लगाम कसनी चाहिए । नहीं तो चुनावों में इसका नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहे।

By Editor

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