मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश का मिलेट हब बनेगा. उन्होंने कहा कि मिलेट मिशन के तहत राज्य में किसानों को लघु धान्य फसलों की सही कीमत दिलाने, आदान (exchange) सहायता देने, खरीदी की व्यवस्था, प्रोसेसिंग और विशेषज्ञों के परामर्श का लाभ दिलाने की पहल की गई है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च (IIMR), हैदराबाद और राज्य के मिलेट मिशन के अंतर्गत आने वाले 14 जिलों के कलेक्टरों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि, “कोदो, कुटकी और रागी जैसी लघु धान्य फसलें ज्यादातर हमारे वनक्षेत्रों में बोई जाती हैं. कोदो, कुटकी और रागी जैसा अनाज पोषण से भरपूर हैं और देश में इनकी अच्छी मांग है.  न ही इसकी खरीदी की कोई व्यवस्था थी. इतनी महत्वपूर्ण और कीमती फसल उपजाने के बाद भी इसे उपजाने वाले किसान गरीब के गरीब रह गए.”

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