मथुरा। उत्तर प्रदेश पुलिस मेहकमा देश का सबसे बड़ा पुलिस महकमा है लेकिन इसके बावजूद मथुरा जिले में सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मियों का टोटा बना हुआ है। जीं हां जिले में कुल 1850 पुलिसकर्मियों की कमी है। जिसमें से सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ का कहे जाने वाले 1770 सिपाहियों की महकमे को जरुरत हैं। इसमें महिला और पुरुष दोनों ही शामिल है। इसके अलावा उपनिरीक्षकों के पद भी रिक्त हैं।

गौरतलब है कि मथुरा प्रदेश के अति संवेदनशील जिलों में से एक है जहां आए दिन कोई ना कोई बवाल पुलिस के लिए सर दर्द बन जाता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि होने के साथ-साथ ही यहां वृंदावन और गोवर्धन आदि के प्रमुख धार्मिकस्थल है। जहां दूर दराज व देश-विदेश से हर महीने लाखों की संख्या में कृष्ण भक्त पहुंचते हैं। ऐसे में यदि कोई पर्व होता है तो यह आंकड़ा और अधिक बड़ जाता है। प्रमुख त्योहारों पर उमड़ने वाला जन सैलाब श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा घेरा को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।

जिले में स्थिती यह है कि यहां स्वीकृत पुलिसकर्मियों के पदों के सापेक्ष 1850 पुलिसकर्मियों की कमी है। ऐसे में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को छोड़कर जिले में रहने वाले लोगों को ही अब तो पुलिस द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा पर तनिक भी भरोसा नहीं रहा। जिले के अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से भी इस मामले को लेकर कई बार पत्र लिखा लेकिन बावजूद इसके अभी तक कोई बदलाव नजर नहीं आया है। यही कारण है कि आए दिन जलिे में वारदातें होती रहती हैं। आखिरकार इन पुलिसकर्मियों की कमी कब तक दूर हो सकेगी, यह भविष्य के गर्त में हैं, पर सुरक्षा के प्रति सरकार को भी गंभीरता बरतने की जरुरत है। इसके साथ ही जिले में 4 इंस्पेक्टर और 13 महिला रक की तैनाती कृष्ण जन्म स्थान पर है। मौजूदा आंकड़े में मथुरा पुलिस के मुताबिक जल्द से जल्द पुलिसकर्मियों की कमी को दूर कर दिया जाएगा।
रिपोर्ट /- प्रताप सिंह

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