पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने माना कि पाकिस्तान के पास देश चलाने लायक पैसे नहीं बचे हैं. इसलिए विदेशों के सामने झोली फैलानी पड़ रही है.

पाकिस्तान फेडरल बोर्ड ऑफ रिवेन्यू के पहले ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि देश चलाने के लिए पर्याप्त पैसा ना होना सबसे बड़ी चुनौती है, जिसकी वजह से उधार लेना पड़ता है.

इस्लामाबाद ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से लिए गए 6 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज के पुनरुद्धार को सुनिश्चित करने के लिए व्यय में कटौती और अधिक टैक्स को लागू करके 800 अरब पीकेआर के साथ एक महत्वपूर्ण कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की है.

वित्त मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार शौकत तारिन ने बहुत ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के साथ आने वाली कठोर वार्ता के बारे में जानकारी दी, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि न केवल महत्वपूर्ण राजनीतिक पूंजी की खपत होगी, बल्कि महंगाई की एक और लहर भी उठेगी.

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