लाहौर से 100 किलोमीटर दूर सियालकोट में एक श्रीलंकाई नागरिक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। इसके बाद उसके शव को जला दिया गया। श्रीलंका की संसद ने इस घटना की घोर निंदा की है।

इसके साथ ही संसद ने वहां के अधिकारियों से देश में बाकी श्रीलंकाई प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इस घटना को लेकर श्रीलंकाई सरकार और विपक्ष दोनों एकजुट दिखे।

राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने ट्वीट कर कहा कि सियालकोट की घटना निश्चित रूप से बहुत दुखद और शर्मनाक है और किसी भी तरह से धार्मिक नहीं है।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘प्रियांथा ने कथित तौर पर कट्टरपंथी टीएलपी का एक पोस्टर फाड़ दिया, जिसमें कुरान की आयतें लिखी हुई थीं और उसे कूड़ेदान में फेंक दिया।

उनमें से ज्यादातर टीएलपी के कार्यकर्ता और समर्थक थे। अधिकारी ने कहा, ‘भीड़ ने प्रियांथा को कारखाने से खींच लिया और उसी पीट पीटी कर हत्या कर दी। ‘

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