डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का रिश्तेदार बनकर जालसाजों ने छह बेरोजगारों से ठगी की। सभी को रेलवे और राजस्व विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उनसे 6 लाख रुपये एडवांस हासिल कर लिए।

इसके बाद सभी को फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंप दिया। जब ज्वॉइन करने पहुंचे तो हकीकत सामने आई। आरोपियों से रुपये वापस करने को कहा तो धमकी देने लगे।

प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह बिष्ट के मुताबिक, हरदोई के पूरा बहादुर निवासी धर्मवीर सिंह बरेली पुलिस लाइन में रसोइया था। उसको किसी कारण से निकाल दिया गया था। धर्मवीर पैरवी कराने के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के आवास पर पहुंचा।

धर्मवीर से पूरी बात सुनने के बाद रामनारायण ने उसकी नौकरी दूसरे विभाग में लगवाने की बात कही। आरोपी ने धर्मवीर से कहा कि जल्द ही राजस्व विभाग में रिक्तियां आने वाली हैं, उसमें आपकी नौकरी लगवा दूंगा।  धर्मराज ने भी खुद को डिप्टी सीएम का रिश्तेदार बताया था।धर्मवीर का दोस्त राशिद नियुक्ति पत्र लेकर दिल्ली में रेलवे कार्यालय ज्वाइन करने पहुंचा तो वहां पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। पीड़ित धर्मवीर के दोस्त राशिद ने वापस आकर पूरी जानकारी दी। इसके बाद सभी ने पड़ताल शुरू की।

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