उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सिविल लाइन इलाके मे रघुकुल हास्पिटल में प्रसव के बाद महिला की मौत से हडंकप मच गया । पीडितो के परिजनो ने सुबह 5 बजे से हास्पिटल के बहार शव रख कर न्याय की गुहार लगाई । महिला की मौत के बाद हास्पिटल संचालक डाक्टर, स्टाफ हास्पिटल में ताला डालकर फरार हो गए 7 घण्टे की मशक्कत के बाद मजिस्ट्रेट के सामने लाता तोड़कर दो अन्य  प्रसूताओं व उनके बन्द परिजनों को बाहर निकाला गया।


डिप्टी सीएमओ डा.अवधेश यादव ने आज यहॉ बताया कि प्रसव के बाद महिला की मौत के बाद हंगामे की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची जिसने अस्पताल को सीज कर दिया गया है । यहॉ भर्ती को मरीजो को उपचार के लिए मुख्यालय के सरकारी अस्पताल मे भर्ती कराया गया है । पुलिस इस प्रकरण पर मुकदमा दर्ज करने की प्रकिया अपना रही है ।
मृतक महिला की नंद सुमन ने बताया कि वह अपनी भाभी प्रियंका पत्नी विवेक निवासी मोहब्बतपुर की डिलीवरी कराने आशा बहु गीता देवी के साथ रघुकुल हास्पिटल में कल शाम को 7 बजे भर्ती कराया गया था, जहां डाक्टर ने उसे बड़े आपरेशन से बच्चा निकालने के लिए कहा गया तथा डाक्टर सुनील निषाद व उसके साथी पवन ने आपरेशन किया गया आपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई है। महिला की मौत हो जाने के बाद डाक्टर ने परिवार के लोगों को हॉत्रास्पिटल के बाहर निकाल दिया और वहां अन्य मरीजों और उनके परिजनों को बंद करके भाग गए।
पति विवेक का आरोप है कि उपचार के लिए डाक्टर ने 50 हजार मांगे गए थे मेरी पत्नी की मौत हॉस्पिटल की लापरवाही के चलते मौत हुई है। हास्पिटल द्वारा कोई भी जानकारी नही दी कि आखिर किस कारण मेरी पत्नी की मौत हुई।
मौके पर पहुंची मजिस्ट्रेट तारा शुक्ला, डिप्टी सीएमओ अवधेश यादव, सीओ सदर अमित कुमार के सामने हास्पिटल का ताला तोड़कर बन्द मरीजों को बाहर निकालकर सरकारी हास्पिटल में भर्ती करवाया गया। परजिनों 7 घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद समझा बुझाकर मृतिका के पोस्टमार्टम के लिए राजी करवाया,
डिप्टी सीएमओ ने कहा इस हास्पिटल में एक महिला की प्रसव के दौरान डाक्टर को लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल हास्पिटल को सील करवाया जा रहा है। जांच कमेटी बनाकर इसकी जांच की जाएगी। उसके बाद जो कार्यवाही होगी की जाएगी।

By Editor

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