अब हैदराबाद के समता केंद्र में स्थापित संत रामानुजाचार्य की 216 फीट ऊंची प्रतिमा को लेकर विवाद पैदा हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया है कि यह प्रतिमा चीन में बनी है।

इसके बाद केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि मूर्ति की स्थापना निजी पहल है। राहुल गांधी का बयान खोखला है।
प्रतिमा चीन में बनी होने को लेकर केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने स्पष्ट किया कि इसके निर्माण में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। इस प्रतिमा की स्थापना का विचार वर्षों पूर्व किया गया था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि यह प्रतिमा चीन में बनी है। इसके साथ ही उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के वादे पर सवाल खड़े किए थे। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने राहुल के बयान की निंदा की है।
स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी या ‘समता की प्रतिमा’ चीन के एरोसम कार्पोरेशन ने की है। खबरों में कहा गया है कि इसे ढाला चीन में गया है जबकि असेंबल भारत में किया गया है।टेंडर की दौड़ में एक भारतीय कंपनी भी थी

चीनी कंपनी टेंडर हासिल करने में सफल रही।इस प्रतिमा को असेंबल करने का काम भारत में हुआ और यह 15 माह चला।यह प्रतिमा हैदराबाद एयरपोर्ट के समीप शमशाबाद के एक मंदिर में बने समता केंद्र में यह प्रतिमा स्थापित की गई है।

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