टीम इंडिया के बाएं हाथ के अनुभवी ओपनर शिखर धवन को सालाना 4 करोड़ रुपये का घाटा हो गया है.घाटे का ये सौदा उन्हें BCCI के एक फैसले की वजह से झेलना पड़ा है.  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड  ने इस बार 27 खिलाड़ियों के साथ करार किए हैं. इन्हीं में से एक नाम शिखर धवन का भी है. लेकिन, पिछली बार तुलना में इस बार उन्हें मिलने वाली रकम में भारी कटौती की गई है. ऐसा उनके ग्रेड में आई तब्दीली की वजह से हुआ है.

दरअसल, पिछले करार में बाएं हाथ के भारतीय ओपनर को 10 खिलाड़ियों के साथ ग्रुप ए में रखा गया था. लेकिन इस बार ग्रुप ए ग्रेड में सिर्फ 5 खिलाड़ियों को ही जगह मिली है. और, इसमें शिखर धवन का नाम नदारद है.

BCCI के कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक, ग्रुप ए में शामिल खिलाड़ियों को सालाना 5 करोड़ रुपये मिलते हैं. वहीं ग्रुप सी ग्रेड वाले खिलाड़ियों को सालाना 1 करोड़ रुपये दिए जाते हैं. अब इस सूरत में पिछले करार की तुलना में नए करार के तहत शिखर धवन को सालाना 4 करोड़ रुपये बोर्ड से कम मिलेंगे.

BCCI के नए करार में धवन को हुए तगड़े नुकसान की एक बड़ी वजह उनका टेस्ट क्रिकेट से लंबे वक्त से दूर रहना भी है. दरअसल, शिखर धवन ने साल 2018 के बाद से ही टेस्ट मैच नहीं खेला है. केएल राहुल और मयंक अग्रवाल के आने के बाद उनका इस फॉर्मेट में खेल पाना मुश्किल हो गया है. जबकि, रेड बॉल क्रिकेट में उनके आंकड़े देखें तो वो अव्वल दर्जे के खिलाड़ी नजर आते हैं.

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