यूक्रेन के शहरों में पिछले 13 दिनों से मौत तांडव कर रही है. क्रूज मिसाइल से लेकर बम धमाकों की गंध कीव, खारकीव, सुमी की आबोहवा में महसूस की जा रही है. लोग भूख-प्यास से बेहाल सड़कों पर घूम रहे हैं. जो यूक्रेन छोड़कर जाने में कामयाब हो पाए, वे बच्चों और महिलाओं को लेकर दूसरे देशों में पलायन कर गए.

कीव का कहना है कि यूक्रेन और रूस के बीच जंग खत्म करने को लेकर तीसरे दौर की बातचीत हुई तो है, जिसमें कुछ सकारात्मक परिणाम आए हैं.  रूस के शीर्ष वार्ताकार का कहना है कि बातचीत से जो उम्मीदें थीं, ‘वो पूरी नहीं हुईं’.

यूरोपियन यूनियन के शीर्ष राजनयिक का कहना है कि अगर रूस का हमला जारी रहता है तो 50 लाख से ज्यादा यूक्रेनी देश छोड़ सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र की रिफ्यूजी एजेंसी का कहना है कि अब तक 17 लाख से ज्यादा नागरिक यूक्रेन छोड़ सकते हैं.

हजारों लोग ऐसे हैं, जो बिना पानी और खाने के मारियुपोल के दक्षिणी पोर्ट पर फंसे हुए हैं. इनको दो बार निकाले जाने का प्रयास असफल हो चुका है. यूक्रेनी कर्मचारियों और भागते हुए नागरिकों ने बताया कि कीव के उत्तर पूर्वी हिस्से में सड़कों पर लड़ाई चल रही है और हाथों की जंग तक हो रही है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर आरोप लगाया कि वह टैंक, रॉकेट लॉन्चर्स और माइन्स का इस्तेमाल कर नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मुश्किलें पैदा कर रहा है.

 

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