अमेरिका के अफगानिस्तान से पूरी तरह वापस लौटने के बाद अब कुछ हीं दिनों में अफगानिस्तान में नई तालिबानी सरकार बन सकती है. अफगानिस्तान में मौजूद विश्वसनीय सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक तालिबान अफगानिस्तान में ईरान के तर्ज़ पर सरकार गठन कर सकता है.

साथ हीं अफगानिस्तान का प्रधानमंत्री मुल्लाह बरादर या मुल्लाह याकूब को बनाया जा सकता है. आपको बता दें कि मुल्लाह याकूब मुल्लाह उमर का बेटा है और काफी हार्डलाइनर माना जाता है.

सुप्रीम लीडर अखुन्दज़ादा कांधार में हीं रहेंग और प्रधानमंत्री और सरकार के बाकी मंत्री काबुल से सरकार का संचालन करेंगे. अफगानिस्तान के मौजूदा संविधान को रद्द कर 1964-65 के पुराने संविधान को हीं फिर से लागू कर सकता है क्योंकि तालिबान का मानना है कि नया संविधान विदेशी मुल्कों के आधीन बनाया गया था. तालिबान का हार्डलाइनर गुट सत्ता में किसी और को शामिल नहीं करना चाहता. मगर, दोहा आफिस के तालिबानी नेता दूसरे पक्षों को भी शामिल करना चाहते हैं.

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