गुजरात सरकार में सबकुछ सामान्य था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में विश्व पाटीदार समाज के सरदार धाम का लोकार्पण किया.  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संगठन मंत्री बीएल संतोष अचानक गांधीनगर पहुंचे और प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल और प्रदेश प्रभारी रत्नाकर के साथ बैठक की.

रुपाणी की जगह किसी नए हाथ में गुजरात की सत्ता की कमान सौंपने के निर्णय के पीछे असली वजह क्या है ये बीजेपी आलाकमान ही जाने लेकिन इतना तय है कि पार्टी के लिए ऐसे चेहरे का चयन भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं जो पार्टी को चुनाव जिताकर लाए.

नया सीएम चुनने के लिए बीजेपी विधायक दल की बैठक 12 सितंबर को होनी है. विधायक दल की बैठक में नए सीएम के नाम पर मुहर लगेगी लेकिन उससे पहले अटकलों का बाजार गर्म है. गुजरात के सीएम पद की रेस में कुछ केंद्रीय मंत्री भी शामिल बताए जा रहे हैं.

2017 के चुनाव के बाद बधाइयां लेते-लेते भी सीएम पद से दूर रह गए रुपाणी के डिप्टी रहे नितिन पटेल का भी रेस में है. इनके अलावा पाटीदार समाज से ही आने वाले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन, डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला के नाम भी शामिल हैं.

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