मिशन शक्ति के तहत महिलाओं में बढ़ रहे अपराध व रोकथाम के लिए कस्तूरबा गांधी कस्तूरबा विद्यालय में शानिवार की दोपहर जन जागरूकता अभियान चलाया गया। कोतवाली पिहानी प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार सिंह ने कालेज की छात्राओ से संवाद के दौरान बताया कि हम नारियां मजबूत हैं, मजबूत रहेंगी, समाज में नारी सशक्तिकरण के नाम पर परिवर्तन दिखाई नहीं देता है, प्रतिभाओं को छुपाना नहीं चाहिए, हम नारियों को समाज में चलने के लिए सामंजस्य स्थापित करना होगा। मुख्य अतिथि कोतवाल ने बताया कि महिलाएं अपनी समस्याओ को खुलकर नहीं बता पाती हैं। इसलिए मिशन शक्ति के तहत प्रत्येक थाने पर एक महिला हेल्प डेस्क बनाया गया है, शिक्षा के साथ हर लोगों में संस्कार का लोप होता जा रहा है, सफलता उन्ही को मिलती है जो सतत् प्रयास रत होता है। साइबर अपराध के बारे में विस्तृत जानकारी दी, सोशल मीडिया का इस्तेमाल जरूरत पर ही होनी चाहिए। इस अवसर पर कालेज शिक्षक व शिक्षिकाओं ने अपने विचार व्यक्त किया।

पिहानी प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार ने मिशन शक्ति पर छात्राओं को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि
सरकार के मिशन शक्ति शुरू होने के बाद यूपी में इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं। महिलाओं में अपने अधिकार और कानून के प्रति जागरूकता आ रही है।यूपी में महिला अपराध पर लगाम लगाने के लिए कमर कसी और मिशन शक्ति शुरू किया। इस मिशन की शुरुआत पिछले साल अक्टूबर से की गई थी। अभियान के पहले चरण में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के सम्बन्ध में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं दूसरे चरण में अभियान को ऑपरेशन के रूप में संचालित किया किया। इस तरह इस पूरे मिशन को चरणों में बांटकरकाम शुरू किया गया।

मिशन शक्ति का यह है उद्देश्य

उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों को जागरूक करना है। उन्हें स्वावलंबी बनाना है। इसके अलावा महिलाओं के प्रति हिंसा करने वाले लोगों की पहचान उजागर करना, महिलाओं को राज्य में सुरक्षित महसूस कराना है। मिशन के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर जागरूक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए शासन स्तर से कई अभियान और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

मिशन शक्ति की खास बातें

– महिलाओं और बच्चियों से सम्बंधित जो भी केस कोर्ट में जाएंगे उन्हें फास्ट ट्रैक भेजकर सुनवाई जल्दी पूरी करवाना।
– रेप केस को सबसे पहले प्राथमिकता देकर दोषियों को कड़ी सजा दिलवाना।

– अभियान से सभी विभागों को एक साथ जोड़ना ताकि महिलाओं को कोई परेशानी न हो।
– यूपी में 24 विभाग चुने गए है, जो सरकारी या स्थानीय या अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के लिए काम कर रहे हैं।
– महिलाओं के साथ अपराध करने वाले व्यक्ति का दोष कोर्ट में सिद्ध होने के बाद सभी चौराहों पर उसकी तस्वीरें लगाना और पहचान उजाकर करना।
– मनचलों और शोहदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके उन्हें पकड़ना और जेल भेजना।
– सभी पुलिस थानों में महिलाओं के लिए एक अलग हेल्पडेस्क, जहां महिला अधिकारी और सिपाही भी महिला होना।

By Editor

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