बीएचयू के एनसीसी और यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध सेंट्रल हिन्दू स्कूल (सीएचएस) में प्रवेश दिलाने के नाम पर  11 से 14 साल तक के 5 बच्चों से अप्राकृतिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। बच्चे चौबेपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। आरोपित गंगापुर निवासी मुरारी लाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित इन बच्चों के परिवार से घुला मिला था और इनको जानता था।

बीएचयू का सीएचएस बेहद प्रतिष्ठित स्कूल माना जाता है। यहां प्रवेश के लिए देशभर के बच्चों में हर साल मारामारी होती है। छठवीं, नौवीं और 11वीं में प्रवेश के लिए कई राज्यों में सेंटर बनाये जाते हैं और लाखों बच्चे परीक्षा देते हैं।

छह माह पहले चौबेपुर निवासी एक व्यक्ति से आरोपित मुरारी की मुलाकात हुई थी। उसने खुद को बीएचयू एनसीसी में कार्यरत बताया। कहा कि वह बच्चों को प्रवेश दिला सकता है। चौबेपुर निवासी व्यक्ति ने दो बच्चों को आरोपित से मिलवाया और एक-एक बच्चे के लिए 30 हजार रुपये भी दिए। मुरारीलाल दोनों बच्चों को बीएचयू परिसर में ले आया। शारीरिक परीक्षण के नाम पर झाड़ी में ले जाकर अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। फिर बच्चों को लौटा दिया। प्रवेश न होने पर बच्चों ने आपबीती चौबेपुर निवासी व्यक्ति को सुनाई। इस बीच मुरारीलाल ने मोबाइल भी बन्द कर दिया।  चौबेपुर निवासी व्यक्ति ने किसी तरह मुरारी लाल से संपर्क किया। दो और बच्चों को प्रवेश दिलाने के नाम पर मुरारी को बहकाया। दो बच्चों को लेकर मुरारी बीएचयू पहुंचा था कि चौबेपुर निवासी व्यक्ति ने पुलिस चौकी पर सूचना दे दी और वह पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद पता चला कि वो तीन और बच्चों का सीएचएस में दाखिला के नाम पर शोषण कर चुका है।

 

एनसीसी की ड्रेस पहन बरगलाता था

मुरारी खुद को बीएचयू के एनसीसी में कर्मचारी बताता था और खाकी रंग के ड्रेस भी पहनता था ताकि लोग विश्वास कर सकें। एनसीसी कैडेट के लिए आने वाली टी शर्ट भी पहनता था।

बच्चों के घर जाता था कुकर्मी

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि जिन बच्चों का उसने शोषण किया है, उनके घर आता जाता था। परिवार से घुलमिल गया था। उनके घर खाना भी खाता था।

पत्नी छोड़ गई, अकेले रहता था मुरारी

मुरारी बीएचयू से 2000 में बीए पास आउट होने के बाद कोचिंग और निजी विद्यालय में पढ़ाने लगा। इस दौरान दर्जनों बच्चों के साथ पहले इस  तरह की धोखाधड़ी कर चुका है। पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने बताया कि  बचपन से समलैंगिग हैं। इसके कारण उसकी पत्नी अपने दो बच्चों के साथ मायके चली गई। चार भाइयों में सबसे छोटा है। माता पिता की मौत के बाद रोहनिया छितुपुर चितईपुर में किराये रहता था।

पिछले साल दो बच्चों को दिलाया प्रवेश

पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने दो बच्चों का प्रवेश पिछले साल सीएचएस में कराया था। ऑनलाइन टेस्ट के बावजूद उसने प्रवेश दिला दिया। बताया कि वहां के एक शिक्षक से उसकी साठगांठ है।

By Editor

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