आंध्र प्रदेश में अब तीन राजधानियां नहीं बनेंगी। जगनमोहन रेड्डी की सरकार ने इससे संबंधित विधेयक को रद्द करने का फैसला लिया है।इस विधेयक में विशाखापत्तनम, अमरावती और कर्नूल को राज्य की तीन राजधानियां बनाने का प्रावधान किया गया था। एडवोकेट जनरल एस श्रीराम ने आज आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट को सरकार के इस फैसले की जानकारी दी।तीन राजधानियां बनाने के खिलाफ राज्य में प्रदर्शन भी हो रहे हैं।

आंध्र प्रदेश सरकार ने तीन राजधानी के लिए मार्ग प्रशस्त करने वाले कानून को निरस्त करने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश राज्य के महाधिवक्ता सुब्रह्मण्यम श्रीराम ने विवादास्पद कानूनों को वापस लेने के सरकार के फैसले के बारे में उच्च न्यायालय को सूचित किया है।

बता दें कि आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास (निरसन) अधिनियम को पिछली तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) सरकार ने 2015 में अमरावती को राज्य की राजधानी के रूप में विकसित करने के अधिकार को समाप्त करने के लिए पारित किया था। विशाखापत्तनम, कुरनूल और अमरावती में कार्यकारी, न्यायिक और विधायी राजधानियों की स्थापना के लिए एपी विकेंद्रीकरण और सभी क्षेत्रों का समावेशी विकास अधिनियम पारित किया गया था।

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