फ़िरोज़ाबाद

जिलाधिकारी के लाख कोशिशों के बाद भी bams डॉक्टर और झोलाछाप कर रहे हैं मनमान,बिना रजिस्ट्रेशन के क्लीनिक और हॉस्पिटल चला रहे हैं,मरीजों को कर रहे हैं भर्ती स्वास्थ्य विभाग खामोश,अब तक 63 की हो चुकी है वायरल बुखार से मौत।

नरेंद्र वर्मा
फिरोजाबाद में इस समय डेंगू वायरल बुखार को लेकर झोलाछाप डॉक्टरों और मात्र बीएएमएस डिग्री वाले डॉक्टरों की चांदी है,क्योंकि वायरल बुखार का कहर इस तरह है कि गांव गांव और शहर में काफी संख्या में मरीज इस बुखार से बीमार पड़ रहे हैं, आज जब हम फरिहा क्षेत्र में पहुंचे वहां डॉक्टर प्रदीप कुमार ने मात्र bams की डिग्री पर राजपूत हॉस्पिटल ही खोल डाला,अगर हॉस्पिटल के अंदर की बात करें तो उसमें कोई भी सुविधा हॉस्पिटल जैसी नहीं दिख रही थी,कोई मरीज ब्रेंच पर बैठा कर ड्रीप चढ़वा रहा है,तो कोई लेटा हुआ ड्रीप चढ़वा रहा था कोई बैठे-बैठे ड्रिप कड़वा रहा था तो कोई तो कोई क्लीनिक के बाहर पडी ब्रेंच पर लेट का ड्रिप लगवाता हुआ देखा गया, अहम बात तो इस डॉक्टर के यहां यह देखने को मिली कि यह मात्र बीएएमएस किया हुआ था और इसके यहां एक्स-रे की मशीन भी थी जो कि मरीजों का एक्सरे भी करता है ऐसे तमाम डॉक्टर आज भी इस वायरल बुखार के प्रकोप में आपदा में अवसर ढूंढ रहे हैं,और मरीजों को भर्ती कर उनकी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं,अगर स्वास्थ्य विभाग की बात की जाए तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी कहते हैं कि हम कार्रवाई करेंगे तब आपको बताएंगे,लेकिन ऐसे तमाम अभी भी झोलाछाप और bams डॉक्टर हैं जो मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं और स्वास्थ विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।

विजुअल है

डॉ के हॉस्पिटल के अंदर मरीज कमरों में भर्ती,ड्रीप चढ़वाते मारीच हॉस्पिटल के बाहर,एक्सरे मशीन के शॉट,डॉ इलाज करता हूँ,डॉ की बाइट,

Cmo ने बाइट देने से मना कर दिया है।

By Editor

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